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अमेरिका से आई बड़ी खबर ने हिला दिया अडानी ग्रुप!

Adani Group : अमेरिका से आई बड़ी खबर ने हिला दिया अडानी ग्रुप!

Adani Group: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (US SEC) द्वारा गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को ईमेल के जरिए समन भेजने के लिए अमेरिकी कोर्ट से अनुमति मांगने की खबरों के बाद अब अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई है । इस खबर के सामने आने के बाद से ही निवेशकों में हड़कंप मच गया और इसके बाद ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक दिन में ही करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये घट गया।इस पुरे मामले में शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर अडानी ग्रुप की कंपनियों – अडानी पावर, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन एनर्जी ने सफाई भी दी है.

शेयरों में कितनी गिरावट?

अगर हम शेयर में आई हालिया गिरावट कि बात करें तो शनिवार को बाजार में ट्रेडिंग के दौरान ग्रुप (Adani Group) की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई जिसमे अडानी एंटरप्राइजेज में लगभग 11%  तक की गिरावट आई इसके अलावा ,अडानी ग्रीन एनर्जी में करीब 14.6% की गिरावट, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में लगभग 12% तक गिरावट और अडानी पोर्ट्स, अंबुजा सीमेंट, ACC, और अडानी टोटल गैस में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज कि गई है और इसके चलते ग्रुप की 10 प्रमुख लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 12.45 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। यह गिरावट निवेशकों की उस सतर्कता को दर्शाती है, जो अडानी ग्रुप से जुड़ी अमेरिकी जांच की किसी भी खबर पर तुरंत रिएक्ट कर रही है।

कंपनी ने क्या सफाई दी?

अब सवाल है कि अडानी ग्रुप की कंपनियों ने अपनी सफाई में क्या बताया तो शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए ग्रुप (Adani Group) की कंपनियों ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं और कंपनी किसी भी अमेरिकी कानूनी कार्यवाही में पक्षकार नहीं है। उन्होंने अपनी पिछली सफाई यानी 21 नवंबर 2024 की बात को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट पर इसी तरह के दावों को खारिज किया था।कंपनी ने बार-बार जोर दिया है कि वे हमेशा कानून का पालन करती हैं और ऐसे सभी आरोप निराधार हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरसल यह विवाद अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था जब अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) और SEC ने गौतम अडानी, सागर अडानी समेत 8 लोगों पर आरोप लगाए। आरोप हैं कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से झूठ बोलकर फंड जुटाए गए और इन फंड्स का इस्तेमाल करके सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना बनाई गई जिसमें करीब 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,029 करोड़ रुपये के इसमाल कि बात कही गई।यह मामला Foreign Corrupt Practices Act (FCPA) के उल्लंघन से जुड़ा है। हालांकि, अमेरिकी दस्तावेजों में रिश्वत देने की “प्लानिंग” का जिक्र है, लेकिन वास्तव में रिश्वत दी गई इसका कोई स्पष्ट सबूत नहीं बताया गया। नवंबर 2024 में कोर्ट सुनवाई भी हुई थी।भारतीय अधिकारियों ने पहले SEC के समन को डिलीवर करने से इनकार किया था, जिसके बाद SEC अब कोर्ट से ईमेल या अन्य तरीकों से समन भेजने की अनुमति मांग रहा है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

यह घटना दिखाती है कि ग्रुप (Adani Group) से जुड़ी कोई भी अंतरराष्ट्रीय जांच की खबर बाजार पर तुरंत असर डाल रही है। तो वही अडानी ग्रुप ने पहले भी ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज किया है और कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।लेकिन निवेशक अब हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं

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