Business & Market : पिछले कई दिनों से सोना और चांदी के अच्छे रिटर्न ने निवेश करने वालों का मन बदला है. जो निवेशक शेयर मार्कट में अपना पैसा लगा रहे थे अब वो सोना और चांदी में निवेश करने लगे है. अच्छे रिटर्न के लिए उनका कदम सही भी हो सकता है लेकिन निवेश विशेषज्ञ इसे ठीक नहीं बताते है. सोना-चांदी की कीमतों में भले ही बीते कुछ दिनों में तगड़ा उतार-चढ़ाव आया है, कभी दोनों कीमती धातुएं क्रैश हुए, तो कभी तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. ऐसी स्थिति में भी भारतीय निवेशक अब शेयर बाजार में पैसे लगाने के बजाय सोना-चांदी में निवेश कर रहे हैं.
शेयर बाजार का कठिन दौर
फाइनेंशियल एक्सपर्ट बताते हैं कि भारतीय इक्विटी मार्केट का मौजूदा दौर अब तक के सबसे कठिन दौरों में से एक साबित हो रहा है और ये बेहद खराब है. कई भारतीय निवेशकों ने चैन की नींद लेने के लिए अब शेयर बाजार में निवेश करना छोड़कर सोना और चांदी का रुख किया है. लेकिन यह भारतीय निवेश के लिए अच्छा संकेत नहीं है. बाजार से हटकर निवेशकों के इस इन्वेस्टमेंट ने इक्विटी से बेहतर रिटर्न दिया है.
बेरुखी से आखिर फायदा क्या है?
विशेषज्ञ कहते हैं कि शेयरों के बजाय कीमती धातुओं में निवेश की ओर रुख करने में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने ऐसा करते हुए अपनी मानसिक शांति को बरकरार रखा है. शेयर निवेशकों की तरह उन्हें हर दिन स्टॉक प्राइस में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत नहीं है. वे काम करते हैं, पैसा कमाते हैं, सोना खरीदते हैं और चैन से सोते हैं
बाजार की गिरावट से सबक
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि जो अभी भी शेयर बाजार में डटे हुए हैं. आखिरकार सुधार आएगा और नुकसान की भरपाई हो जाएगी. श्रीवास्तव ने कहा कि गिरावट के बीच कुछ लोगों ने धीमी ग्रोथ वाली कंपनियों के शेयर घाटे में बेचे होंगे. अधिकांश लोगों को ऐसा करने में कठिनाई हुई है. हालांकि, इससे उन्हें एक बड़ा सबक भी मिला है, जिसके बिना दशकों तक निवेश करना संभव नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि आप एक अनुभवी निवेशक बनने की राह पर हैं.
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उन्होंने कहा कि जब सब कुछ ठीक चल रहा होता है तो कोई भी खराब स्ट्रेटजी की परवाह नहीं करता है, लेकिन वहीं जब बाजार धीमा हो जाता है, तो निवेशकों को कुछ कड़े सबक सीखने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि आखिर में अपने पैसे का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी निवेशक की ही है. अपने पैसे की सुरक्षा का एकमात्र तरीका मनी मैनेजमेंट को सीखना है. आप प्रतिदिन 10 घंटे पैसा कमाने में लगाते हैं, लेकिन कम से कम 1 घंटा हर रोज उसका प्रबंधन करने को लेकर विचार-विमर्श करें.
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