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चिली की खदान में हड़ताल से तांबा रिकॉर्ड ऊंचाई पर, वैश्विक उद्योगों की बढ़ी चिंता

चिली की खदान में हड़ताल से तांबा रिकॉर्ड ऊंचाई पर

दुनिया के सबसे बड़े तांबा उत्पादक देशों में शामिल चिली में एक प्रमुख खदान में हड़ताल शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं और गोदामों में घटते स्टॉक के कारण तांबा पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गया, जिससे वैश्विक उद्योगों में टेंशन बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को तांबे की कीमतों में तेज़ी दर्ज की गई। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर की कीमतें करीब 4.5 प्रतिशत उछलकर 13,040 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के आसपास पहुंच गईं। इससे पहले तांबा 12,900 डॉलर के स्तर पर अपना रिकॉर्ड बना चुका था, जिसे अब पार कर लिया गया है। वहीं अमेरिका के कमोडिटी एक्सचेंज COMEX पर भी तांबे के दाम रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार करते दिखे।

सप्लाई पर मंडरा रहा संकट

जानकारी के मुताबिक, उत्तरी चिली में स्थित एक प्रमुख कॉपर खदान में मजदूरों की हड़ताल से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि यह खदान वैश्विक उत्पादन का छोटा हिस्सा है, लेकिन मौजूदा हालात में यह कमी बाजार की चिंताओं को और गहरा कर रही है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में रिफाइंड कॉपर की सप्लाई मांग के मुकाबले काफी पीछे रह सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026–27 तक तांबे की मांग में लगातार इजाफा होगा, जबकि उत्पादन और रिफाइंड सप्लाई में सीमित बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे बाजार में लाखों टन की कमी पैदा होने की संभावना है, जो कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है।

घटते स्टॉक ने बढ़ाई चिंता

तांबे की कीमतों में उछाल का एक बड़ा कारण गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का तेजी से गिरना भी है। बीते कुछ महीनों में एलएमई वेयरहाउस में मौजूद तांबे का भंडार 50 प्रतिशत से ज्यादा घट चुका है। बड़ी मात्रा में कॉपर का निर्यात अमेरिका समेत अन्य देशों में होने से उपलब्धता और सीमित हो गई है।

दूसरे मेटल्स भी हुए महंगे

कॉपर में आई तेजी का असर अन्य बेस मेटल्स पर भी देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमीनियम, जिंक, निकेल, टिन और सीसे की कीमतों में भी मजबूती दर्ज की गई। खासकर टिन में तेज़ उछाल देखा गया, जिसे कम सप्लाई और शॉर्ट कवरिंग का नतीजा माना जा रहा है।

भारत में भी बढ़े दाम

वैश्विक संकेतों का असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कॉपर की कीमतों में करीब 1 से 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और भाव 1330 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गए। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, तांबे की कीमतों में मजबूती का रुख जारी रह सकता है।

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