Yogi Adityanath: यूपी के लखनऊ में आज (9 जून) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9 दिवसीय राम कथा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान सीएम योगी ने सभा को संबोधित करते हुए नकारात्मक ताकतों के खिलाफ समाज को एकजुट होने का आह्रान किया. उन्होंने कहा कि लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए एक आदर्श उदाहरण आप सबके सामने हो सकता है, हमें आश्चर्य होता है. उच्च न्यायालय केरला ने 2009 और 2011 में इस(लव जिहाद) पर चिंता व्यक्त की थी कि यह धार्मिक जनसांख्यिकी को बदलने की साजिश है. हमने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया.
उन्होंने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में 2020 में इस पर सख्त कानून बनाया था.हमें सचेत रहना होगा.याद रखना नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएंगी लेकिन समाज की सज्जन शक्ति को मिलकर इसका मुकाबला करने के लिए तैयार होना होगा. यही स्थिति हम सबको उस लैंड जिहाद से जुड़े हुए लोगों के प्रति भी रखनी पड़ेगी.आखिर खर दूषण, मारीच और सुबाहु क्या कर रहे थे, वे भी सब यहां लैंड जिहाद के ही अभियान के साथ जुड़े हुए थे. जबरन कब्जा कर लेना, जबरन किसी भी जमीन को खाली देखा उसमें अपना तम्बू गाड़ देना, ये सब बंद हो जाना चाहिए.
जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है,
उन लोगों के लिए भारत की धरती ‘धर्मशाला’ नहीं हो सकती है… pic.twitter.com/wl5aEuRYq7
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 9, 2026
“भारत की धरती धर्मशाला नहीं”
सीएम योगी ने आगे कहा कि भारत की धरती उन आक्रांताओं के लिए जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है, जो भारत के प्रति निष्ठा नहीं रखते, भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उन लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती है.हम सब उस संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे. भारत की संत शक्ति, देश की सज्जन शक्ति को एकजुट कर आगे बढ़ाना चाहती है.यह प्रभु श्री राम की कृपा है. उनका जो आदर्श है, उसी आदर्श को ध्यान में रख कर के सभी कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं. तोड़ने वाली ताकतें आएंगी, वे विभाजित करने का कार्य करेंगी. कोई जाति के नाम पर बांटेगा, कोई क्षेत्र के नाम पर बांटेगा, कोई भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास करेगा. लेकिन हम सबको कथा के उस मर्म को समझना पड़ेगा जो यहां पर व्यासपीठ से पूज्य जगतगुरु के द्वारा आप सबको यहां पर उसके मर्म को समझाने का प्रयास किया गया है. हम सब उस मर्म को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं.
जिसने भी प्रभु श्री राम को अपने जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ है… pic.twitter.com/eThScB4SDw
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“उन आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कथा केवल सुनने की नहीं,उसको अंगीकार करने की भी एक महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा होता है. हमारे यहां क्या कहते हैं हम जिसको अपना आदर्श मानते हैं,उसके अनुरूप बने. हम शिव की पूजा करते हैं, हम राम की पूजा करते हैं तो उनके उन आदर्शों को अपने जीवन में उसका हिस्सा बनाएं.उसके अनुरूप हम जीवन जीने का प्रयास करें. उसके अनुरूप बनने का प्रयास करें. उनके उन आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. अपने परिवार के सदस्यों को उन आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए आगे प्रेरित करें तो सबका कल्याण होगा. जिसने भी राम को अपने जीवन का आदर्श बनाया उसका कल्याण हुआ है.जिसने राम का द्रोह किया है उसको इस धरती पर कोई जगह नहीं मिली है. रामायण कालखंड के अनेक उदाहरण आपके सामने हैं, मारीच है,रावण है.
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