America Saudi Airstrike: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब खाड़ी देशों की भूमिका भी खुलकर सामने आने लगी है. अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, पिछले 72 घंटे में अमेरिकी ठिकानों और सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर हुए 30 से ज्यादा ड्रोन हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. PMF को ईरान का समर्थक माना जाता है. हमले में PMF के 10 लड़ाके मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं. न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, PMF ने बयान ने कहा कि इन हमलों में कई लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं. हमले से कई इमारतों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. इस हमले के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर ये मिसाइलें दागी गई थीं, लेकिन सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया.
कौन है PMF जिसपर अमेरिका-सऊदी ने किया हमला?
पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) इराक का एक अर्धसैनिक है. इसकी शुरुआत साल 2014 में हुई थी, ISIS ने इराक के एक बड़े हिस्से पर कब्जा किया था. 2017 में PMF ने ISIS को खदेड़ने में अहम भूमिका निभाई थी. जिसके बाद इराकी सरकार ने इसे अधिकारिक सुरक्षा बल का दर्जा दिया था. PMF के लड़ाकों को सरकार से वेतन भी मिलता है. PMF के अंदर कई अलग-अलग गुट है. इन गुटों पर अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगता है. अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से किए गए हमले के बाद PMF की ओर से एक बयान कर कहा गया है कि अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक के अलग-अलग इलाकों में उसके मुख्यालयों पर हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में उनके कई सदस्य हताहत हुए हैं. PMF ने इन हमलों को खतरनाक उकसावा बताते हुए कहा कि यह इराक की संप्रभुता और उसकी आधिकारिक सुरक्षा संस्थाओं का उल्लंघन है.
ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई बैठक
वहीं इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउसे में करीब 90 मिनट तक बैठक हुई. इस मीटिंग के बाद नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी कर कहा- ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात अब तक सबसे अच्छी बातचीत में से एक रही. यह पूरी तरह सहयोग, आपसी समर्थन और साझा समझ वाली बैठक थी. हमारा साक्षा लक्ष्य है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे.
वहीं दूसरे तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कारोबारी जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही हर हाल में बहाल होनी चाहिए.
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