US-Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य टकराव अब खत्म होने वाला है. दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौते (MoU) पर सहमत हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है, जबकि ईरान ने भी कई महीनों की कठिन वार्ताओं के बाद डील को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि की है.इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो, तेल को बहने दो. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश पीस डील पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दस्तखत करेंगे. अगर ऐसा होता है तो 47 साल में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाई लेवल की बैठक होगी.
ईरान से पीस डील पर साइन करने से पहले क्या शर्तें रखी?
अमेरिका-ईरान के बीच समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के समझौता ज्ञापन में कुछ अहम बातें शामिल हैं. जिसमें युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, ईरान के कुछ फ्रीज्ड फंज जारी करना, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अगले 60 दिनों की बातचीत का ढांचा तय करना शामिल है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि MoU पर साइन होने के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की अमेरिका-ईरान की बातचीत इस बात पर निर्भ करेगी कि अमेरिका पहले 3 वादे पूरे करता है या नहीं. काजेम गरीबाबादी के अनुसार अमेरिका को 3 कदम उठाने होंगे, जिसमें युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना और ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना शामिल है.
MoU पर सकते हैं डिजिटल साइन
CNN के सूत्रों की मानें तो अमेरिका-ईरान के अधिकारी समझौते पर डिजिटल तरीके से हस्ताक्षर कराने की तैयारी कर रहे हैं. दोनों देशों के नेताओं की आमने-सामने बैठक कराने में सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई मुश्किलें आ सकती है. ऐसी बातचीत के बीच में अटकले या समझौता पटरी से उतरने का जोखिम भी बढ़ सकता है. अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर होने के बाद बातचीत का नया 60 दिन का चरण शुरू होगा. दोनों पक्ष इस बात चर्चा करेंगे कि समझौते की शर्तों को जमीन पर कैसे लागू किया जाए बाकी बचे मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए. ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि समझौते पर या तो वह इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर करेंगे या फिर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर करेंगे. इससे पहले जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज ने कहा कि जेनेवा में साइनिंग प्रोग्राम को लेकर अभी काम चल रहा है. वह खुद वहां जा सकते हैं.
ईरान-अमेरिका पीस डील पर इजराइल खामोश
ईरान और अमेरिका की पीस डील पर इजराइल ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर युद्ध शुरू किया था, लेकिन समझौते में उसे शामिल नहीं किया गया है.ईरान और अमेरिका के बीच डील की शर्तों को लेकर इजराइल असहज माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में शामिल प्रावधान उन प्रमुख मकसदों को पूरा नहीं करते, जिन्हें अमेरिका और इजराइल ने युद्ध करते समय तय किया था. यही वजह है कि समझौते की कई शर्तों को लेकर इजराइल असहज माना जा रहा है.
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