MOU : ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित 14 सूत्रीय ड्राफ्ट समझौते यानी MOU की नई डिटेल्स जारी हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर यह समझौता हकीकत बनता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा.वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है. पश्चिम एशिया में तनाव कम हो सकता है.वैश्विक शेयर बाजारों को राहत मिल सकती है.ईरान की अर्थव्यवस्था को नई जान मिल सकती है.दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति ज्यादा स्थिर हो सकती है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल यह एक ड्राफ्ट एमओयू है. इस पर अंतिम सहमति और आधिकारिक मंजूरी अभी बाकी है. डील के मुताबिक –
1. हर मोर्चे पर युद्धविराम
MOU ड्राफ्ट के मुताबिक पहला और सबसे अहम प्रस्ताव यह है कि सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम लागू किया जाएगा. इसमें सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि लेबनान को भी शामिल किया गया है.यानी अगर समझौता होता है, तो क्षेत्र में सैन्य तनाव में बड़ी कमी आ सकती है.
2. ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा अमेरिका
अमेरिका इस बात के लिए प्रतिबद्ध होगा कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा.साथ ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा.
3. 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी खत्म होगी.
MOU ड्राफ्ट में कहा गया है कि ईरान पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह समाप्त किया जाएगा. इसे पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
4. ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना हटेगी
अमेरिका ने ईरान के आसपास तैनात अपनी सैन्य मौजूदगी को वापस लेने की प्रतिबद्धता जताई है. अगर ऐसा होता है, तो यह क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा.
5. Strait of Hormuz फिर खुलेगा
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को 30 दिनों के भीतर दोबारा खोला जाएगा.हालांकि इसकी व्यवस्था ईरान की निगरानी में होगी.यह दुनिया के लिए बेहद अहम है क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है.
6. तेल प्रतिबंधों में राहत
ईरान के लिए सबसे बड़ी राहत यह हो सकती है.ड्राफ्ट के मुताबिक,ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटेंगे.पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगी रोक खत्म होगी.डेरिवेटिव उत्पादों की बिक्री बहाल होगी.ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों तक पूरी पहुंच मिलेगी. ईरान फिर से वैश्विक तेल बाजार में मजबूती से वापसी कर सकता है.
7. ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर
समझौते में अमेरिका और उसके सहयोगियों से ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना पेश करने की बात कही गई है. युद्ध और प्रतिबंधों से प्रभावित अर्थव्यवस्था के लिए यह बड़ी मदद हो सकती है.
8. 60 दिनों तक अंतिम समझौते पर बातचीत
ड्राफ्ट के अनुसार 60 दिनों तक अंतिम समझौते के लिए बातचीत होगी.इसमें चर्चा होगी.परमाणु मुद्दों पर.अमेरिकी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध हटाने पर.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर.
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से जुड़े मामलों पर.
9. परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान
ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि यानी छच्ज् के तहत अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.उसने कहा है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा.
10. बातचीत के दौरान कोई नया प्रतिबंध नहीं
60 दिनों की वार्ता अवधि में अमेरिका.क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी नहीं बढ़ाएगा.ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा.
11. ईरान को लौटेंगे 24 अरब डॉलर
ड्राफ्ट के मुताबिक अंतिम बातचीत के दौरान ईरान की रोकी गई 24 अरब डॉलर की राशि जारी की जाएगी. इसमें से.आधी राशि बातचीत शुरू होने से पहले.बाकी राशि वार्ता प्रक्रिया के दौरान.ईरान को उपलब्ध कराई जाएगी.
12. समझौते की निगरानी का तंत्र बनेगा
समझौते के पालन की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग मैकेनिज्म स्थापित किया जाएगा.ताकि दोनों पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करें.
13. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी
अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के जरिए मंजूरी दी जाएगी.इससे समझौते को अंतरराष्ट्रीय वैधता मिलेगी.
14. मिसाइल कार्यक्रम बातचीत से बाहर
ड्राफ्ट की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि.ईरान के मिसाइल कार्यक्रम.प्रतिरोधी समूहों को समर्थन.जैसे मुद्दों को बातचीत के एजेंडे से पूरी तरह बाहर रखा गया है.अंतिम बातचीत सिर्फ तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगी.यूरेनियम संवर्धन और संवर्धित सामग्री का भविष्य. प्रतिबंधों को हटाना.ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण का कार्यक्रम.
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