BRICS Summit : यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम पहुंच गए हैं। समिट का आज अंतिम दिन है। सऊदी अरब को इस समिट में आमंत्रित देश के तौर पर शामिल किया गया है। सभी सदस्य देशों के नेता और दूसरे आमंत्रित देशों के प्रमुख भारत मंडपम पहुंच गए है। आज बैठक में ब्रिक्स से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद पीएम मोदी 4 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
ब्रिक्स की साझा करेंसी नहीं
समिट के पहले दिन भारत ने साफ कर दिया कि फिलहाल ब्रिक्स देशों की अपनी कोई साझा करेंसी बनाने का प्रस्ताव नहीं है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स में स्थानीय करेंसी में आपसी व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर चर्चा जरूर चल रही है। इसका मकसद देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और लेन-देन की लागत कम करना है।
नई दिल्ली घोषणा पत्र को ब्रिक्स देशों की मंजूरी
ब्रिक्स देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया। घोषणा पत्र में रूस और चीन समेत ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। ब्रिक्स देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और यूएई के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं
पीएम मोदी ने कहा है कि ब्रिक्स देशों को अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा और फैसलों पर अमल की स्थायी व्यवस्था बनाना होगा। मोदी ने साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी पर जोर दिया। युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बनेरू मुसीबत में फंसे नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने के लिए देशों के बीच नेटवर्क बनाने की बात।
तनाव के बीच ईरान-यूईए राष्ट्रपतियों ने बातचीत की
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने ब्रिक्स समिट से इतर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अलग हैं। ईरान और यूएई पिछले कुछ सालों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात तनाव के बीच दोनों देशों के बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत है।
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