Twisha Sharma Murder Case: मध्य प्रदेश के भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच ने नया मोड़ ले लिया है. 29 मई को पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेने के बाद अब जांच एजेंसी घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट करने के लिए पहुंची. ट्विशा को फंदे से उतारने की प्रक्रिया,बेल्ट की मजबूती और घटनाक्रम की सच्चाई जानने के लिए डमी पुतलों का इस्तेमाल किया गया.मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं.
CBI ने किया सीन रिक्रिएशन
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच तेज हो गई है.29 मई को पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 2 जून तक रिमांड पर लेने के बाद एजेंसी अब घटना के हर पहलू की वैज्ञानिक जांच कर रही है.रिमांड अवधि खत्म होने से पहले सीबीआई दोनों आरोपियों को उनके घर लेकर पहुंची,जहां पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएट किया गया.
80 किलो के डमी पुतले से किया गया परीक्षण
जांच एजेंसी ने ट्विशा के वजन के बराबर करीब 80 किलो के डमी पुतले का इस्तेमाल किया. इसका उद्देश्य यह समझना है कि ट्विशा को फंदे से किस प्रकार उतारा गया था और आरोपियों के बयान वास्तविक परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं.
सीबीआई घटनास्थल पर हर गतिविधि का तकनीकी विश्लेषण कर रही है.
समर्थ और गिरिबाला के बयानों की हो रही जांच
समर्थ सिंह ने अपने बयान में दावा किया था कि उसने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था,जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह ने जिमनास्टिक बेल्ट से बने फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई अब इन दावों की सत्यता परखने के लिए लिगेचर यानी बेल्ट की मजबूती और उसकी वजन सहने की क्षमता की भी जांच कर रही है.
हाइट को लेकर भी उठे सवाल
जांच के दौरान ट्विशा की लंबाई को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज हाइट और परिवार द्वारा बताई गई लंबाई में अंतर मिलने के बाद सीबीआई ने एक अलग हाइट वाला दूसरा डमी पुतला भी तैयार कराया है,ताकि 12 मई की घटना का सटीक पुनर्निर्माण किया जा सके.
लगातार सुर्खियों में बना हुआ है मामला
ट्विशा की मौत के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज, घटना के बाद समर्थ सिंह का अचानक लापता होना, बाद में आत्मसमर्पण करना और गिरिबाला सिंह के विवादित बयानों ने इस मामले को लगातार चर्चा में बनाए रखा है.
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