LPG Cylinders Prices Hikes: देशभर में आज 1 जून को कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर पर 42 रुपये, कोलकाता में 53.50 रुपये बढ़ाए गए हैं. इसके अलावा 5 किलो वाले LPG सिलेंडर पर 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है.2022 में भी सस्ता हुआ था. UPA सरकार के समय कच्चा तेल प्रति बैरल लगभग 100 डॉलर रहा है. पीएम मोदी के समय में औसतन 70 डॉलर प्रति बैरल रहा है,कभी-कभी इससे भी नीचे आया है.लेकिन जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं किया जाता है.अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है लेकिन यहां पर इसके दाम बढ़ते जा रहे हैं.यह तो जबरदस्त शोषण है.जनता के ऊपर महंगाई की ऐसी मार पड़ रही है कि जनता कराह रही है.
“सभी चीजों के दाम बढ़ने वाले हैं”
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अभी तो केवल शुरूआत है.डीजल हो,पेट्रोल हो,कमर्शियल LPG गैस हो या घरेलू गैस हो,सभी चीजों के दाम बढ़ने वाले हैं. पहले ही कैब और ऑटो रिक्शा वाले मांग कर रहे हैं कि किराया बढ़ाया जाए.खाने-पीने के दाम बढ़ चुके हैं.केवल एक चीज जो नहीं बढ़ रही है वो है आमदनी,लोगों के पास नौकरी नहीं है.सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है जो सबसे बड़ी परेशानी है.
राजद नेता मनोज कुमार झा ने कहा कि हमें सरकार को धन्यवाद बोलना चाहिए कि उन्होंने बीच में तीन-चार दिनों की मोहलत दे दी थी.इसके लिए धन्यवाद बनता है, और क्या ही कहा जाए?.जिस गरीब को खाना 40 रुपये में मिलता था अब वो 60 में मिलेगा. आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं है लेकिन खर्चे में बढ़ोतरी है.
BJP नेताओं ने क्या कहा?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कमर्शियल LPG की कीमत में बढ़ोतरी पर कहा कि पूरे विश्व की यदि आप तुलना करें तो कहीं 80% दाम बढ़ रहे हैं, कहीं 100% और कहीं तो 150% वृद्धि हुई है.इसके बाद भारतवर्ष में जो व्यवस्था की गई है कि हमने आगामी 20 दिनों के स्टॉक को सुरक्षित किया, जो वैकल्पिक देश हो सकते थे,जहां से हम पेट्रोल-डीजल का आयात कर सकते थे उनसे समझौते किए गए.कुल मिलाकर 5% से ज्यादा मूल्यों में वृद्धि नहीं होगी। ये एक संक्रमण काल है.घरेलू सिलेंडर के मूल्यों में वृद्धि नहीं हुई है. कमर्शियल सिलेंडर में वृद्धि की गई है.विश्व के लिए ये असामान्य समय है.पिछली सरकार ने जब दाम बढ़ाए थे तो उसके कई लाख करोड़ का भुगतान वर्तमान सरकार ने किया है.इस प्रकार की चीजें जो विशेष परिस्थिति के कारण जन्म लेती हैं,उसमें विचलित नहीं होना चाहिए और विश्वास रखना चाहिए.
“देश का मसला नहीं है बल्कि वैश्विक संकट है”
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सच तो ये है कि ये किसी एक देश का मसला नहीं है बल्कि वैश्विक संकट है.खासकर ऊर्जा के क्षेत्र में गैस,पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति श्रृंख्ला प्रभावित हुई है.वैश्विक संकट पैदा हो गया है और जब तक युद्ध की परिस्थितियों से दुनिया को मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक ये स्थिति सामान्य नहीं हो सकती है.अन्य देशों की तुलना में चर्चा करें तो आज भारत अपनी कूटनीतिक प्रयासों के द्वारा,सतत प्रयासों से अन्य वैकल्पिक स्रोत बनाकर,वार्ता करके आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहा है,भले ही दाम बढ़े हुए हैं.ये भी बड़ी उपलब्धि है.सरकार का पूरा प्रयास है कि इससे देश पर कम से कम प्रभाव पड़े.
भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की जो वैश्विक कठिनाई खड़ी हो गई है,इससे सारा देश वाकिफ है.इसके बावजूद सरकार के ये प्रयास हैं कि घरेलू सिलेंडर के दाम न बढ़ने पाएं.आम आदमी को इसकी कठिनाई न हो और उन्हें महंगाई का शिकार न होना पड़े.इसलिए कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाना एक मजबूरी है.मैं इसके लिए सरकार की सराहना करता हूं कि उन्होंने आम जन के ऊपर दबाव डालने का काम नहीं किया.
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