Shiv Sena UBT: नई दिल्ली में आज(18 जून) संसदीय दल की बैठक हुई. इस बैठक में 9 में से सिर्फ तीन लोकसभा सांसद पहुंचे. जबकि पार्टी की तरफ से लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया था. मीटिंग में पहुंचे सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि जो सांसद नहीं आए उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा. इसी बीच शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है. मंत्रालय ने महाराष्ट्र के डीजीपी को इन 6 सांसदों को Y+ सिक्योरिटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाए जाने पर शिवसेना (UBT) राज्यसभा सांसद संजय राउत ने निशाना साधा है.
उन्होंने कहा कि पहले लोकसभा का प्रोसेस पूरा हो जाए, उसके बाद यह लड़ाई संसद, कोर्ट और सड़कों पर भी चलेगी. सड़कों पर लड़ाई शुरू भी हो चुकी है. महाराष्ट्र में आप देख सकते हैं कि उन सभी ‘बेईमानों’ की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. गद्दारों की रक्षा के लिए भारत की फौज को भी उतार दिजिए, जिन गद्दारों को गोली मारने की बात अनुराग ठाकुर ने की थी, ऐसे गद्दारों को अब आपकी पुलिस सिक्योरिटी दे रही है. वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय की तरफ से सांसदों को सुरक्षा बढ़ाने की जाने वजह बागी सांसदों को मिले रही धमकियां बताई है. जिसके बाद उनके घरों की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है.उनके घरों और ऑफिस में खास सिक्योरिटी के इंतज़ाम किए गए हैं.
“हम अपनी सेना लाएंगे”
सांसद संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान आगे कहा कि आप अपनी सेना लाओ, हम अपनी सेना लाएंगे. हमें पुलिस, ED और CBI से मत डराओ. गिरीश महाजन से 15 मिनट में निपटा जाएगा. वे हमें धमका रहे थे. हमें 5 मिनट के लिए ED, CBI, पुलिस दे दो, वे 5 मिनट में अपनी पार्टी छोड़कर भाग जाएंगे.
“अब किताब पूरी खुल चुकी है”
वहीं शिवसेना UBT नेता आनंद दुबे ने शिवसेना UBT में अंदरूनी दरार पर कहा कि अब किताब पूरी खुल चुकी है हमारे पास 9 सांसद थे जिसमें से 3 आए और 6 नहीं आए. इसका मतलब है कि 6 लोगों ने अपना मन कही और जाने का बना लिया है, जाना है तो खुलकर बोलकर जाओ. बता देते कि नहीं रहना है.जब दो साल मजे ले लिए और अब आपको और मलाई चाहिए इसलिए वहां जा रहे हैं. जाना था तो खुलकर बताकर जाते, कारण बताते. ये कारण बताना कि कांग्रेस पार्टी में शिवसेना एक दिन विलय कर लेगी तो ये कैसी बाते हो गई. आपको प्रामाणिक कारण बताना चाहिए. ये जो हो रहा है ये दुखद है ये नहीं होना चाहिए. सरकार विपक्ष को खत्म करना चाहती है.
“बगावत करने वालों के खिलाफ नया कानून बनना चाहिए”
महाराष्ट्र सपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के हों, ममता बनर्जी की पार्टी के हों या किसी भी दल से चुनकर आए सांसद हों, बगावत करने वालों के खिलाफ नया कानून बनना चाहिए. यह जो मनमानी हो रही है, नहीं होनी चाहिए.
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