American-Iran :अमेरिका-ईरान समझौते के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने नई चेतावनी दी है। अमेरिकी एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, अब ईरान जब चाहे होर्मुज को बंद कर सकता है। युद्व के बाद ईरान पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक परिचित तीन सूत्रों ने बताया कि युद्ध के बाद ईरान के पास वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की एक और नई ताकतवर क्षमता आ गई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट नाम का एक ऐसा हथियार मिल गया है जो परमाणु बम से ज्यादा असरदार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर परमाणु बातचीत टूटती है, तो यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में भी संकट पैदा कर सकता है। ऐसे में दुनिया के दो बड़े समुद्री व्यापार मार्ग एक साथ प्रभावित हो सकते हैं।
अमेरिका-ईरान पीस डील से जुड़ी 4 अहम बातें
मीडिया रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमेरिका-ईरान पीस डील पर दस्तखत 19 जून को स्विट्जरलैंड के लूसर्न शहर के पास स्थित बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होंगे। जानकारी के मुताबिक अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ समझौते पर हस्ताक्षर करेंगें।
समझौते में क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 14 प्वाइंट का दस्तावेज है जिसमें युद्ध समाप्त करने, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू करने, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, तेल निर्यात जारी रखने की अनुमति, जमे हुए ईरानी फंड जारी करने और ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए बड़े निवेश की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं।
ईरान के तीन तेल टैंकरों ने अमेरिकी नाकेबंदी को पार किया
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोनिया 1 को ईरान के तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़े जहाजों की सूची में शामिल किया था। जहाज पर द्वितीयक प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शंस) भी लगाए गए थे। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोनिया 1 को ईरान के तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़े जहाजों की सूची में शामिल किया था। जहाज पर द्वितीयक प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शंस) भी लगाए गए थे। समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, पीस डील के ऐलान के बाद से ईरान का तीसरा तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पार कर गया है।
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