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राम मंदिर चंदा चोरी मामला: SIT ने योगी सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट दोबारा गठित करने की सिफारिश

Ram Mandir Donation Scam

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज मंगलवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ( SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है. इसके साथ ही किसी सीनियर अधिकारी को मंदिर का CEO नियुक्त करने का भी सुझाव दिया. वहीं SIT ने डिटेल जांच के लिए समय मांगा है. गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी गई है. 20 पन्नों की इस शुरुआती रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ की डिटेल शामिल है.

5 आरोपियों से करीब 2 करोड़ रुपए की रिकवरी
सूत्रों की मानें तो SIT ने पिछले पांच साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी सिफारिश की है. इसके साथ ही चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं. ट्रस्ट की पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल भी उठाए गए हैं. सूत्रों की मुताबिक, यूपी सरकार अब रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी. जिसके बाद गृह मंत्रालय तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को हटाया जाएगा. वहीं राम मंदिर चोरी मामले में लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर दो करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है.टिन्नू के घर सोना भी मिला था. अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी हुई है.

लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि SIT रिपोर्ट हमने अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी है. यह एक प्रारंभिक रिपोर्ट है. उन्होंने कहा कि यह जांच गोपनीय है. जो हमारी फाइंडिंग्स थी उसे दे दिया है.

बता दें कि एसआईटी टीम में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव नीलरतम कुमार शामिल है.टीम ने राम मंदिर की 6 दिनों तक जांच की थी. राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को SIT का गठन किया था.

‘राम मंदिर में CEO की नियुक्ति भी हो सकती है’
सूत्रों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि अयोध्या राम मंदिर में काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह CEO की नियुक्ति हो सकती है. सरकार वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए यह कदम उठा सकती है. ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की निगरानी के लिए सीनियर आईएएस अधिकारी को CEO बनाया जा सकता है. इस नियुक्ति से दान, लेखा-जोखा और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश है.

यह भी पढ़ें: लखनऊ के कोचिंग सेंटर अग्निकांड की जांच के लिए SIT और फोरेंसिक टीम पहुंची

 

 

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