Indian Ship Attacked in Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच भारत के लिए बुरी खबर सामने आई है. ओमान की खाड़ी में ‘सेटेबलो’ जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय लोगों की मौत हो गई है. जिसको लेकर देश में राजनीति शुरू हो गई है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई.और हमारे कॉम्प्रोमाइज PM? एक शब्द तक नहीं. जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है. लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं. अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, पीएम मोदी मुस्कुराएंगे,गले मिलेंगे और समझौते करेंगे-मगर,उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा. कॉम्प्रोमाइज PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है,न ताकत.
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में,…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 12, 2026
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बोला हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पलाऊ के झंडे वाले जहाज़ MT सेटेबेलो पर हमले के बाद 3 भारतीय नाविकों की मौत पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये भारत की विदेश नीति की चूंक रही. अगर भारत मजबूती के साथ खड़ा होता और युद्ध को रोकने में कामयाब हो जाता तो आज किसी की जान नहीं जाती. न केवल लोगों की जान बच जाती बल्कि दुनिया में जो अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है, भारत की अर्थव्यवस्था पर भी सकंट बढ़ रहा है. उसके ऊपर भी संकट नहीं होता. भारत की जिम्मेदारी युद्ध रोकने की थी.युद्ध अगर भारत सरकार रोक लेती तो भारत के प्रधानमंत्री को विश्व गुरु माना जाता.
“भारत सरकार का स्टैंड क्लीयर है”
वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेता आर.पी.सिंह ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि या तो पढ़ने लिखने में कमी है या रिसर्च में कमी या फिर जानबूझकर शरारत कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने मामले पर तुरन्त स्टैंड लिया है और अमेरिकी दूतावास के लोगों को बुलाया. ये किसी तरह से स्वीकार नहीं है. भारत सरकार का स्टैंड क्लीयर है. सरकार का रुख बहुत ही स्पष्ट है. अमेरिकी दूतावास के लोगों को बुलाकर कहा है कि ये हमें किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि आज अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स, जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाया गया था. ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के लगातार हमलों को लेकर उनके सामने कड़ा विरोध दर्ज़ कराया गया. इन हमलों में पहले ही तीन भारतीयों की दुखद मौत हो चुकी है.मंत्रालय ने आम नागरिकों के जहाजों के खिलाफ जानलेवा बल के इस्तेमाल पर एक बार फिर अपनी गहरी चिंता जताई. ऐसी हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं और मुश्किल समय में एक संवेदनशील इलाके में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करती हैं. अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा गया कि वे भारत की गंभीर चिंताओं से अपने अधिकारियों को अवगत कराएं और यह सुनिश्चित करें कि उस इलाके में तैनात अमेरिकी सेना आम नागरिकों की जान बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए.
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