Women Reservation Bill 2026: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज(9 अप्रैल) महिला आरक्षण बिल को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है. अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने यह संकल्प लिया है कि 2047 तक जब हम अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे करेंगे, तब तक हमें ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल कर लेना है. लेकिन पिछले ढाई दशकों से सरकार के मुखिया के तौर पर अपने अनुभव से मैं यह कह सकता हूं कि अगर हम ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो हमें राष्ट्र के विकास में अपनी ‘मातृ शक्ति’, अपनी ‘नारी शक्ति’ की पूरी ताकत को शामिल करना होगा.
“ज़्यादातर दलों ने अपना समर्थन दिखाया है”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हर कोई चाहता है कि 2029 के लोकसभा चुनावों में, हमारे देश की ‘नारी शक्ति’ को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में जन प्रतिनिधियों के तौर पर 33% प्रतिनिधित्व मिले. पिछले कुछ दिनों में, हमने सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की है. ज़्यादातर दलों ने अपना समर्थन दिखाया है. एक बहुत ही सकारात्मक माहौल नज़र आ रहा है. इन मुद्दों पर, मैंने आज अखबारों में एक लेख लिखा है, जिसमें मैंने अपने विचार साझा किए हैं. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस लेख को पढ़ें और दूसरों को भी इसे पढ़ने के लिए प्रेरित करें. साथ ही, सभी राजनीतिक दलों को भी प्रेरित और प्रोत्साहित करें, ताकि 16, 17 और 18 (अप्रैल) को, जब हम संसद में मिलें तो हम इसे पारित करें और मिलकर इसका जश्न मनाएं.
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आर्थिक-सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक अच्छा माहौल बनाने की लगातार कोशिशें की गई हैं. उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा तक ज्यादा पहुंच, बेसिक सुविधाएं और बेहतर फाइनेंशियल इनक्लूजन सुविधाओं तक बेहतर पहुंच ने आर्थिक और सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी की नींव को मजबूत किया है. उन्होंने कहा फिर भी राजनीति और कानूनी संस्थाओं की दुनिया में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा समाज में उनकी भूमिका के हिसाब से नहीं रहा है.
उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र को 2026 तक बढ़ा दिया गया है. 16 से 18 अप्रैल तक सदन की 3 दिन की विशेष मीटिंग बुलाई गई है. जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे महिला आरक्षण बिल के नाम से जाना जाता है. इसमें बदलाव किया जाएगा ताकि इसे 2029 के आम चुनावों से लागू किया जा सके. इससे लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी.



