Narendra Modi: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचा है. आज 10 जून को उन्होंने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, आज उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, नेहरू 4398 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे थे. मोदी का पीएम के तौर पर यह लगातार तीसरा कार्यकाल है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है.विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है. सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते॥
जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।
सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः।
विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते॥ pic.twitter.com/mn0Ax0F8hs
— Narendra Modi (@narendramodi) June 10, 2026
आजादी के बाद बिखरे हुए भारत को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संस्थागत रूप दिया था और राष्ट्र निर्माण का बीड़ा उठाया था, इसको आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने विकसित भारत बनाने की आधारशिला रखी और 21वीं सदी के भारत को एक शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर खड़ा कर दिया है. देश के मन में अब यही सवाल है कि अब आगे क्या होगा?
विकसित भारत 2047 का विज़न
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है. इसके लिए सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेज़ी से काम हो रहा है.सरकार का फोकस आर्थिक शक्ति बढ़ाकर भारत को वैश्विक महाशक्तियों की कतार में लाना है.यह मिशन देश की दीर्घकालिक विकास रणनीति का आधार है.
आर्थिक और तकनीकी प्रगति
भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्पेस इकोनॉमी और डिजिटल पेमेंट सिस्टम में तेजी से विस्तार हुआ है.प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से नवाचार और निवेश को बढ़ावा मिल रहा है. इससे देश की जीडीपी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हो रही है.
वैश्विक भूमिका और चुनौतियां
भारत अब वैश्विक मंच पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी आवाज़ रख रहा है. विदेश नीति में ‘विश्वबंधु’ और सक्रिय भागीदारी का दृष्टिकोण अपनाया गया है. हालांकि रोजगार, आर्थिक मंदी और गठबंधन राजनीति जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं. इन चुनौतियों के बीच विकास की गति बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है.
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