Khan Sir: पटना में चर्चित फायरिंग मामले में खान सर को बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. अदालत ने पुलिस से केस डायरी की मांग भी की है और अगली सुनवाई तक किसी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है. वहीं,मामले में गिरफ्तार दो सुरक्षा गार्डों और ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रोशन आनंद की जमानत पर भी फैसला आने की संभावना है.
हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट का मामला
खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और हथियारों के अवैध इस्तेमाल से जुड़ा मामला दर्ज है. पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि घटना के दौरान खान सर ने गार्डों से कहा था, “तुम गोली चलाओ, बाकी मैं देख लूंगा.इसी आधार पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया.
सुरक्षा गार्डों की जमानत पर आज आ सकता है फैसला
मामले में गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. उनके वकील ने अदालत में पक्ष रखा, जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस से मामले से जुड़े सबूत मांगे. दोनों गार्डों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था और आज जमानत पर फैसला आ सकता है.
रोशन आनंद के समर्थन में छात्रों का प्रदर्शन
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को पटना में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने रोशन आनंद के समर्थन और खान सर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी की. छात्रों ने पोस्टरों के जरिए दावा किया कि रोशन आनंद को झूठे मामले में फंसाया गया है.
फायरिंग पर खान सर का पक्ष
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में खान सर ने कहा कि उनके गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी. उनका कहना है कि मौके पर मारपीट हो रही थी और पुलिस को पहुंचने में समय लग रहा था. उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक पुलिस नहीं पहुंची थी, तब तक सुरक्षा गार्डों को क्या करना चाहिए था. खान सर ने यह भी दावा किया कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई गई थी.
कोचिंग बंद होने पर फीस बढ़ने का दावा
एक अन्य वीडियो में खान सर छात्रों को सीसीटीवी फुटेज दिखाते नजर आए. उन्होंने दावा किया कि यदि खान ग्लोबल स्टडीज बंद हो गई तो अगले छह महीनों में कई कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पैसा कमाना नहीं, बल्कि छात्रों को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना है. साथ ही उन्होंने सुरक्षा गार्ड के साथ हुई मारपीट का भी जिक्र किया और पूरे मामले को मुद्दे से भटकाने की कोशिश बताया.
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