Iran-US Talks:अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत फिर से शुरू हो रही है. पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस वार्ता के लिए ईरान का डेलीगेशन इस्लामाबाद पहुंच चुका है. ईरानी डेलीगेशन विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में पहुंचा है, जबकि अमेरिकी डेलीगेशन में इस बार जेडी वेंस नहीं हैं. अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात करने की उम्मीद है. पाक के विदेश मंत्री इशाक डार ने अराघची के नेत-त्व में इस्लामाबाद पहुंचे ईरान डेवीगेशन के साथ फोटो शेयर की है, जिसमें आसिम मुनीर और गृहमंत्री मोहसिन नकवी ईरानी नेताओं का स्वागत कर रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि ईरान-अमेरिका के बीच सीधी बातचीत के कोई योजना नहीं है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने एक्स पर पोस्ट की, जिसमें लिखा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल एक अधिकारिक दौरे के लिए इस्लामाबाद पहुंच गया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची, पाकिस्तान के उन नेताओं से बातचीत करेंगे, जिनका उद्देश्य युद्ध को खत्म करना है, जिसे अमेरिका की ओर से तेहरान पर थोपा गया है. बाकाई ने क्लीयर किया कि अमेरिका-ईरान के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है.
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अमेरिकी डेलीगेशन कब पहुंचा इस्लामाबाद?
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है. अमेरिका भी राजनयिक संपर्क साधने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरालिन लीविट ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि वार्ता प्रत्यक्ष रूप से होगी, लेकिन इसमें पाकिस्तान मध्यस्थता करेगा.
ईरान की बातचीत करने वाली टीम में अंदरूनी मतभेद
तेहरान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की बातचीत करने वाली टीम में अंदरूनी मतभेद की बात सामने आ रही है. मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को बातचीत टीम से हटा दिया गया है या उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. जिसकी वजह बताई जा रही है कि वे अमेरिका के साथ बातचीत में परमाणु मुद्दे को शामिल करना चाहते थे. इसका मतलब है कि वे इस बात को चर्चा को तैयार थे कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ शर्ते मान सकता है या उस पर बातचीत हो सकती है.



