Iran-US Tension: ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका तनाव कम करने की बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप पर ईरान के तटीय रडार और निगरानी केंद्रों पर हमला किया, जो सीजफायर का साफ तौर पर उल्लंघन है. ईरान की तरफ से कहा गया है कि अब जो इन हमलों की वजह से हालात पैदा होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी.
जॉर्डन ने लेबनानी सैन्य काफिले पर इजराइली हमले की कड़ी निंदा की
जॉर्डन ने लेबनानी सैन्य काफिले पर हुए इजराइली हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेबनान की संप्रभुता,सुरक्षा और स्थिरता का खुला उल्लंघन बताया.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद माजाली ने कहा कि इजराइल को लेबनान पर अपने सैन्य हमले तत्काल बंद करने चाहिए.उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले लेबनानी सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लेबनान सरकार के साथ एकजुटता जताई.
अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजराइल को अतिरिक्त सैन्य सहायता का किया विरोध
अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजराइल को सैन्य मदद बढ़ाने वाले प्रस्ताव की आलोचना की है.उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को अलग रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य इजराइल को और अधिक अमेरिकी फंडिंग उपलब्ध कराना है.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सैंडर्स ने कहा कि अमेरिकी नागरिक पहले ही इजराइल के युद्धों पर हो रहे भारी खर्च से नाराज हैं.इसके बावजूद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके समर्थक कांग्रेस के माध्यम से सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.उन्होंने दावा किया कि नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA) के तहत संयुक्त उत्पादन समझौतों के जरिए इजराइल को अतिरिक्त सहायता देने की योजना बनाई जा रही है.इस प्रस्ताव का विरोध डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने भी किया है.
हिजबुल्लाह का दावा-
लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के एक मर्कावा टैंक और सैनिकों पर हमला किया है.संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई लेबनान और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए की गई. हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने शनिवार को इजराइली सैन्य ठिकानों और सैनिकों के खिलाफ कम से कम 25 सैन्य अभियान चलाए. हालांकि इन दावों की साफ तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है.
अमेरिका का दावा- होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी ड्रोन मार गिराए
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी हमलावर ड्रोन को नष्ट कर दिया.अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और जहाजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे. CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी बलों ने दो ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को इंटरसेप्ट कर मार गिराया.हालांकि सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ड्रोन किस स्थान से लॉन्च किए गए थे और उन्हें किस हथियार प्रणाली से नष्ट किया गया.अमेरिकी सेना ने कहा कि क्षेत्र में तैनात उसके बल ईरान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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