Donald Trump: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार अमेरिका को नहीं सौंपेगा। रॉयटर्स के मुताबिक, एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा है कि मौजूदा शुरुआती समझौते में परमाणु मुद्दा शामिल ही नहीं है। सूत्र के मुताबिक, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार पर बातचीत बाद में अंतिम समझौते के दौरान होगी। फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है कि यूरेनियम देश से बाहर भेजा जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल कहा था कि अमेरिका ईरान को हाईली एनरिच्ड यूरेनियम रखने नहीं देगा। उन्होंने कहा था कि हम उसे हासिल करेंगे, इसे ईरान को नहीं रखने देंगे। हाल के दिनों में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान अपना यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार हो गया है। हालांकि अब ईरानी पक्ष ने इन खबरों को खारिज कर दिया है।
ईरान यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार ?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब खत्म होने की संभावना है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार हो गया है. यही मुद्दा लंबे समय से दोनों देशों के बीच एक बड़ी अड़चन बना हुआ था. हालांकि अभी तक इसे कहां और कैसे भेजा जाएगा, इसपर बातचीत होना बाकि है. बता दें कि ईरान के पास लगभग 400 किलो से ज्यादा ऐसा यूरेनियम है, जिसे तैयार करके परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.
“ईरान के साथ समझौते के 50-50 चांस है”
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है. समझौते का मसौदा काफी हद तक तैयार हो चुका है, सिर्फ अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है. समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का मुद्दा भी शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप से एक्सियोस न्यूज एजेंसी ने बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौते के 50-50 चांस है. या तो ईरान से समझौता होगा या फिर अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है.
मोजतबा खामेनेई ने संवर्धित यूरेनियम पर क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया था कि ईरान संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर नहीं जाने देगा. हालांकि यह दावा कितना सही है यह तो अधिकारिक ऐलान के बाद ही पता चल पाएगा. वहीं बीते दिनों ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत कई ईरानी नेताओं ने अपने बयानों में इस बात का जिक्र किया कि अमेरिका-ईरान में फिलहाल डील नहीं हो रही है. अमेरिका की तरफ से जरूरत से ज्यादा डिमांड की जा रही है. साथ ही कहा गया था कि समझौते के लिए बातचीत की जा रही है.
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