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ईरान क्रिप्टोकरेंसी में हथियारों का करेगा सौदा, अमेरिका और यूरोप चिंतित

ईरान क्रिप्टोकरेंसी में हथियारों का करेगा सौदा

Tehran : ईरान अब विदेशी हथियार सौदों में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पेमेंट स्वीकार करने की संभावना पर विचार कर रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरानी रक्षा मंत्रालय के एक्सपोर्ट सेंटर ’मिंडेक्स’ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि वह एडवांस वेपन सिस्टम्स की डील में ’डिजिटल करेंसी’ (क्रिप्टोकरेंसी) के साथ-साथ बार्टर (एक चीज के बदले दूसरी चीज लेना) या ईरानी रियाल में पेमेंट की सुविधा देने के लिए तैयार है। ईरान यह सब इसलिए कर रहा है क्योंकि वह डॉलर के प्रभाव वाले ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम से दूरी बनाते हुए आर्थिक प्रतिबंधों के असर को कम कर सके। दरअसल, अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक व व्यापारिक प्रतिबंधों के कारण ईरान यह सोचने पर मजबूर हुआ है।

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। महंगाई चरम पर है। युवा इस्लामिक रीजिम और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के खिलाफ सड़कों पर नारेबाजी कर रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरानी शासन के विदेशी हथियारों को खरीदने में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करने के प्लान का खुलासा हुआ है। इस खुलासे से अमेरिका और यूरोप के होश उड़ गए हैं।

ईरान मिसाइलों को बेचने को तैयार

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी रक्षा मंत्रालय एमाद बैलिस्टिक मिसाइलें, शाहेद ड्रोन, शहीद सुलेमानी-क्लास युद्धपोत और शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए बेचने की तैयारी में है। ईरानी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमें अमेरिका और ​पश्चिमी देशों के आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों से निपटने का दशकों पुराना अनुभव है। अगर कोई देश नई शर्तों पर हमारे साथ डिफेंस डील करता है, तो समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना हमारे लिए मुश्किल नहीं होगा।

 

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ईरान की इकॉनोमी ठीक करने की कोशिश

सामरिक मामलों के विशेषज्ञों ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग ईरान को ठत्प्ब्ै देशों और अन्य सहयोगियों के साथ व्यापार आसान बनाने में सहायक हो सकता है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि ’डिजिटल करेंसी’ स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए व्यापार की नई राहें खोल सकती है। बगेर गालिबफ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सामरिक मामलों के जानकारों ने कहा कि वैश्विक बैंकिंग प्रणाली में डॉलर की केंद्रीय भूमिका के कारण ही अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंध सबसे प्रभावी माने जाते हैं। क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन का ट्रैक करना और उसे ब्लॉक करना काफी मुश्किल भरा काम है

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