KBP Times

लेबनान में मेडिकल सेंटर पर इजराइली हमला, 4 की मौत, होर्मुज में जहाजों से फीस वसूलने की तैयारी में ईरान

Iran plan tax on hormuz, israel attack

Iran: और अमेरिका-इजराइल के बीच फिलहाल युद्व विराम है और कूटनीति स्तर पर बातचीत भी जारी है वहीं अब ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूली के सिस्टम को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दूसरी ओर ताजा घटनाक्रम में इजराइल ने लेबनान पर फिर से हमला किया है। लेबनान में मेडिकल सेंटर पर इजराइली हमले में चार जनों की मौत हो गई है। हालांकि अमेरिका ने इजराइल और लेबनान के बीच युद्व विराम करा रखा है बावजूद इसके इजराइल लगातार लेबनान पर हमले जारी रखे हुए हैं। इजराइल इसे अपनी सुरक्षा में और इजराइल के खिलाफ आतंकी संगठन के ठिकानों पर कार्रवाई बताता है।

जहाजों को परमिट जरुरी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की नई बनाई गई पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ‘मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया’ की सीमा तय कर दी है। अथॉरिटी के मुताबिक, यहां से गुजरने के लिए परमिट जरूरी होगा। फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल ट्रैफिक लगभग रोक दिया था। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई और ऊर्जा कीमतों में तेजी आई। इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने इस जलमार्ग से राजस्व जुटाने के विकल्पों पर चर्चा शुरू की।

अमेरिका का विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी तरह का टोल नहीं होना चाहिए। विदेश मंत्री मार्काे रुबियो ने भी इसका विरोध किया। समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह के शुल्क या प्रतिबंध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग पर पड़ सकता है।

सीधे टोल नहीं वसूलेगा ईरान

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान सीधे टोल लगाने के बजाय सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है। इसमें जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सेवाओं के नाम पर रकम ली जा सकती है। दो ईरानी अधिकारियों के मुताबिक ओमान अब इस प्रस्ताव में संभावित आर्थिक फायदे देखते हुए हिस्सेदारी पर चर्चा कर रहा है। ओमान खाड़ी देशों और अमेरिका के साथ इस योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।

ट्रम्प ईरान जंग में NATO के रुख से नाराज

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो ने गुरुवार को कहा कि ईरान युद्ध के दौरान NATO देशों के रवैये से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प काफी निराश हैं। रूबियो ने खासतौर पर स्पेन का जिक्र करते हुए कहा कि उसने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका छ।ज्व् का हिस्सा इसलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर वह यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे इलाकों में अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर सके। रूबियो ने सवाल उठाते हुए कहा, अगर कोई देश अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल नहीं करने देता, तो फिर वह छ।ज्व् में क्यों है? उन्होंने कहा कि ट्रम्प छ।ज्व् देशों के सहयोग से खुश नहीं हैं और अमेरिका इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है।

 युद्ध में मलबे से 7200 लोगों को जिंदा निकाला

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (प्त्ब्ै) ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के दौरान मलबे में दबे 7200 से ज्यादा लोगों को जिंदा बचाया गया। संगठन ने पहली बार रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो भी जारी किए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में अपने रेस्क्यू वर्कर्स और वॉलंटियर्स को तबाह इमारतों के मलबे से लोगों को निकालते हुए दिखाया है। कई लोग धूल से ढके हुए नजर आते हैं, जिन्हें स्ट्रेचर और हाथों के सहारे बाहर लाया जा रहा है। वीडियो में कई मल्टीस्टोरी रिहायशी इमारतें पूरी तरह ढही हुई दिखाई देती हैं। बमबारी के बाद कई इलाकों में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। प्त्ब्ै के मुताबिक यह युद्ध 28 फरवरी से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चला। इसी दौरान संगठन ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए। संगठन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “युद्ध के दौरान प्त्ब्ै के एड वर्कर्स ने मलबे के नीचे से 7200 से ज्यादा लोगों को जिंदा बचाया।” प्त्ब्ै ने यह भी कहा कि सीजफायर लागू होने से पहले तक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी था। संगठन की टीमों ने मेडिल और मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई। रेड क्रिसेंट सोसाइटी ईरान की प्रमुख मानवीय राहत एजेंसी है। यह युद्ध, प्राकृतिक आपदा और आपात स्थिति में रेस्क्यू और मेडिकल सहायता देने का काम करती है।

यह भी पढ़ें : PM मोदी ने मेलोनी को गिफ्ट की टॉफी तो फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन राष्ट्राध्यक्षों को क्या दिया, जानें पूरी डिटेल

यह भी देखें : खाचरियावास ने उजागर किया BJP सरकार का सच! युवाओं के सपने तोड़ रही सरकार? | KBP Times

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Protein in fruits

प्रोटीन की जरुरत को पूरा करते हैं ये फल, खाएं लेकिन यह भी रखें ध्यान

CJP Protest

सरकार बुलाती रही CJP बातचीत के लिए नहीं गई कहा-सरकार जनता के दरबार में आए

Gums and bad breath

मानसून में मुंह की सफाई का रखें ध्यान, ब्रश करें ताकि बदबू से बचें

Oil Price Hike

रेड सी में तेल टैंकरों पर हमले के बाद उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट 95 डॉलर के पार

Raja Raghuvanshi Murder Case

राजा रघुवंशी मर्डर केस: SC ने रद्द की सोनम की जमानत, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

NEET and Coaching

छात्र-अभिभावकों की चिंता; NEET की तैयारी, मंहगी Coaching फीस और पेपर लीक

Naresh Meena

नरेश मीणा की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिए गिरफ्तारी के आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Salman Khan post

सलमान खान की पोस्ट-छात्र आंदोलन शिक्षा का मुद्दा इसे राजनीतिक रंग नहीं दें, आलिया बोली-अपने लिए नहीं लड़ रहे

Parliament Monsoon Session

संसद के बाहर सियासी संग्राम, विपक्षी दल-NDA आमने-सामने, जमकर हुई नारेबाजी

2

2