Hormuz Strait: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक राजनीति का केंद्र बन गया है. ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका अधिकार कायम रहेगा और वह किसी भी दबाव में अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है और इस पर उसका अधिकार बरकरार रहेगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में समुद्री सेवाओं के टोल पर 60 दिनों की छूट केवल अस्थायी व्यवस्था है. गालीबाफ ने दो टूक कहा कि ईरान किसी भी परिस्थिति में होर्मुज पर अपना दावा नहीं छोड़ेगा और युद्ध के दौरान यह जलडमरूमध्य ईश्वर का दिया हुआ सबसे बड़ा उपहार साबित हुआ.
समझौते को लेकर ईरान के भीतर बढ़ रही नाराजगी
मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ शोधकर्ता एलेक्स वातांका के अनुसार, अमेरिका-ईरान समझौते के लागू होने में देरी से ईरान के भीतर असंतोष बढ़ रहा है. लोगों का सवाल है कि विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियां अब तक क्यों नहीं मिलीं, होर्मुज पर पूरा नियंत्रण क्यों नहीं मिला और इजराइल अब भी लेबनान में क्यों मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष गालीबाफ फिलहाल दोहा जाकर सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं.
अमेरिकी नागरिक जासूसी के आरोप में गिरफ्तार
इजराइल ने 20 वर्षीय एक अमेरिकी नागरिक को ईरान के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने इजराइल के संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर ईरान से जुड़े एजेंट को भेजे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह हर सूचना के बदले सैकड़ों डॉलर लेता था. मामले में अभियोजन पक्ष ने औपचारिक घोषणा दाखिल कर दी है.
फ्रांस में ईरानी विपक्ष की रैली रद्द
फ्रांस में ईरानी विपक्षी संगठन NCRI (MEK) की प्रस्तावित रैली सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गई. रॉयटर्स के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को संभावित बम हमले की धमकी मिली थी. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह धमकी ईरान के पूर्व शाह रेजा पहलवी के समर्थकों से जुड़ी हो सकती है. अधिकारियों का मानना है कि विदेश में विपक्षी नेतृत्व को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है.
कतर में कूटनीतिक हलचल, लेकिन सीधी वार्ता नहीं
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता से जुड़े प्रयासों के लिए कतर की राजधानी दोहा पहुंच चुका है. हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर सीधी बातचीत की योजना नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल केवल पहले हुए अंतरिम समझौते को लागू कराने और कतर में फंसी लगभग 57 हजार करोड़ रुपए की ईरानी संपत्तियों जैसे तकनीकी मुद्दों पर चर्चा करेगा.
ईरान ने स्कूल हमले का वीडियो जारी किया
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर कथित अमेरिकी मिसाइल हमले का वीडियो जारी किया है. ईरानी मीडिया का दावा है कि वीडियो में हमले के तुरंत बाद का दृश्य और बच्चों के शव दिखाई देते हैं. IRIB ने इस घटना के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यही कारण है कि ईरान में वर्षों से “डेथ टू अमेरिका” जैसे नारे लगाए जाते रहे हैं. हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
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