Free Trade Deal : भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच Free Trade Deal यानी मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा 27 जनवरी को होगी। ईयू और भारत में FTA होता है तो भारत के सामानों को EU देशों के बाज़ार में कम टैरिफ या बिना किसी टैरिफ़ के पहुँच मिलेगी और EU के सामान को भारत के बाज़ार में भी उसी रूप में पहुँच मिलेगी.
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्विटज़रलैंड के दावोस में कहा कि ईयू भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला है.
उन्होंने कहा कि इससे 27 देशों के इस समूह को First मूवर एडवांटेजश् मिलेगा यानी इस स्तर का Free Trade Deal किसी और ने भारत से किया नहीं है, इसलिए ईयू को इसका फ़ायदा पहले मिलेगा.
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अमेरिका का बढ़ता दबाव
भारत और ईयू उस समय Free Trade Deal करने जा रहे हैं, जब अमेरिका का दबाव पूरी दुनिया में बढ़ता जा रहा है. भारत अमेरिका का 50 फ़ीसदी टैरिफ़ झेल रहा है और ट्रेड डील पर कोई सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और ट्रेड सरप्लस भारत का है. ऐसे में भारत को भारी नुक़सान हो रहा है.
दूसरी तरफ़ यूरोप भी ट्रंप की नीतियों के कारण भारी दबाव में है. यूरोप पहले से ही यूक्रेन पर रूसी हमले के कारण मुश्किल में था और अब ट्रंप ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़े की बात कर रहे हैं.
ट्रंप ने यहाँ तक धमकी दी है कि ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़े का जो भी देश विरोध करेगा, उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगेगा. रूसी नेता भी यूरोप और अमेरिका के संबंधों पर तंज़ कस रहे हैं.
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