Meenakshi Natarajan Nomination Rejection: मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज हो गया है. जिसको लेकर कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग के सामने विस्तृत रूप से कौन-कौन से मुद्दे रखे हैं.
• मीनाक्षी नटराजन के मामले में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला विकृत है, कानूनी रूप से गलत है, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता.
• रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया, वो आधार कानून में अस्तित्व ही नहीं करता.ऐसा कोई क्रिमिनल केस था ही नहीं, जिसका मीनाक्षी जी खुलासा कर सकती थीं.
• कोर्ट से एक नोटिस आया, जिसमें मीनाक्षी से कहा गया कि आप आकर हमें बताइए कि हम केस का संज्ञान लें या नहीं.
• मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना एक प्राथमिक चरण होता है और उसमें ये फैसला किया जाता है कि ये केस आगे चलना चाहिए या नहीं.बिना संज्ञान के कोई भी क्रिमिनल केस जन्म ही नहीं लेता है.
• मजे की बात ये है कि चुनाव आयोग के कानून में स्पष्ट लिखा है कि आपको सिर्फ वो खुलासा करना है, जिसमें अपराध अगर सिद्ध हो तो सजा दो साल से ज्यादा हो और जिसमें शुल्क फ्रेम हो चुके हैं.इसे देखने का उत्तरदायित्व RO का होता है
• इस मामले में मजिस्ट्रेट ने संज्ञान नहीं लिया है.मीनाक्षी को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट संज्ञान लेंगे, उसके बाद जांच होगी और फिर चार्जशीट तैयार होगी और अगर चार्जशीट बनेगी, तब जाकर शुल्क फ्रेम होंगे.
• यानी इस मामले में आगे के तीन चरण बचे हैं. मजिस्ट्रेट ने संज्ञान तक नहीं लिया है, मगर RO ने मान लिया कि ये एक क्रिमिनल केस लंबित है.
इसके अलावा, हमने कई और मुद्दे रखे और कहा कि ऐसी बेहूदी गलती के कारण राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता है. ये गणतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है और not a level playing field बनता है. ये संविधान के मूल ढांचे को भी विकृत करता है.हमने यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पास पूरा अधिकार क्षेत्र है कि वे RO के फैसले को रिवर्स कर दें या आदेश निरस्त कर दें.चुनाव आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के मामलों में हस्तक्षेप कर चुका है. यानी- ये नहीं कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग हेल्पलेस हैं.
भोपाल में कांग्रेस नेताओं का सामूहिक उपवास
मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन खारिज होने पर आज भोपाल में कांग्रेस नेता सामूहिक उपवास पर बैठे हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवार ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि BJP-ECI के हाथ लोकतंत्र के खून से सने हुए हैं. संविधान को तार तार करते हुए BJP-ECI ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया. इसी के विरोध में आज भोपाल में कांग्रेस के सभी साथियों के साथ एक दिवसीय उपवास कर इसका विरोध जताया.
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