Cockroach Janata Party: भारतीय राजनीति में जनआंदोलनों, राजनीतिक पार्टियों और बड़े नेताओं की चर्चा हमेशा होती रही है. इन दिनों सोशल मीडिया पर पॉलिटिकल पार्टियों के अजीबोगरीब नाम सुर्खियां बटोर रहे हैं. ‘कॉकरोच जनता पार्टी”इश्क करो पार्टी’ खरगोश जनता पार्टी जैसे नामों ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है. पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इश्क करो पार्टी बनाने का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि इस पार्टी का मकसद लोगों के बीच प्यार, शांति, भाईचारा और आपसी समझ बढ़ाना है. इसके साथ ही काटजू ने युवाओं से इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की है.
वहीं बिग बॉस ओटीटी सीजन-2 के विनर एल्विश यादव ने खरगोश जनता पार्टी का पोस्टर जारी किया है. बुधवार को एल्विश ने अपने एक्स अकाउंट पर कॉकरोच जनता पार्टी पर तंज कसते हुए खरगोश जनता पार्टी का पोस्टर और मैनिफेस्टो शेयर किया. उन्होंने लिखा कि गाजर हमारा हक, स्पीड हमारी पहचान, खरगोश एकता जिंदाबाद, तेज दिमाग, लंबे कान, सबका विकास गाजर के साथ. दिलचस्प बात यह है कि भारत निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में हजारों ऐसे राजनीतिक दल दर्ज हैं, जिनके नाम बेहद अनोखे और अतरंगी हैं. इन नामों को देखकर कई बार यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि ये वास्तव में पंजीकृत राजनीतिक दल हैं. आइए जानते हैं देश की अजीबोगरीब पार्टियों के नाम…
अतरंगी पॉलिटिकल पार्टियों के नामों की लंबी लिस्ट है
भारतीय राजनीति में ऐसे कई राजनीतिक दल मौजूद हैं जिनके नाम सुनकर लोग चौंक जाते हैं.चुनाव आयोग की सूची में ‘अपनी जिंदगी अपना दल”गरीब आदमी पार्टी”तुम्हारी-मेरी पार्टी’ और ‘रायता भारत पार्टी’ जैसे नाम दर्ज हैं. इसके अलावा ‘पिरामिड पार्टी ऑफ इंडिया”ऑल पेंशनर्स पार्टी”लेमैन पार्टी’ और ‘वोटर्स इंडिपेंडेंट पार्टी’ भी पंजीकृत राजनीतिक दलों में शामिल हैं. इन नामों को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी फिल्मी कहानी या सोशल मीडिया ट्रेंड से प्रेरणा लेकर इन्हें बनाया गया हो.
अलग-अलग वर्ग के नाम पर बनी पार्टियां
देश में कई राजनीतिक दल ऐसे भी हैं जो समाज के अलग-अलग वर्गों, पेशों और भावनाओं को प्रतिनिधित्व देने का दावा करते हैं.चुनाव आयोग की सूची में ‘गरीब बेरोजगार विकास पार्टी’ ‘देवता दल”अंजान आदमी पार्टी’ और ‘अपना किसान पार्टी’ जैसे नाम शामिल हैं. वहीं ‘भारतीय महापरिवार पार्टी”राष्ट्रीय साफ नीति पार्टी”बहुजन हसरत पार्टी’ और ‘आपकी अपनी पार्टी’ भी मौजूद हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि ‘सबसे बड़ी पार्टी’ नाम से भी एक राजनीतिक दल पंजीकृत है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है.
अजीब मुद्दों वाली पार्टियां भी बनी
कुछ राजनीतिक दलों के नाम उनके अनोखे एजेंडे और दावों को भी दर्शाते हैं. स्वच्छ स्वस्थ स्वावलंबीजन पार्टी और मजदूर किराएदार विकास पार्टी जैसे दल विशेष सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित होने का दावा करते हैं. वहीं युवाओं और प्रेम संबंधों से जुड़े मुद्दों की पैरवी करने वाली इंडियन लवर्स पार्टी भी सूची में शामिल है.इसके अलावा रिलिजन ऑफ मैन रिवॉल्विंग पॉलिटिकल पार्टी ऑफ इंडिया जैसा लंबा और दार्शनिक नाम भी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड का हिस्सा है.ऐसे नाम भारतीय लोकतंत्र की विविधता को अनोखे अंदाज में पेश करते हैं.
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में कितनी पार्टियां दर्ज?
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि देश में राजनीतिक दलों की संख्या बेहद बड़ी है. आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 2854 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दल मौजूद हैं.इनमें से अधिकांश दल राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय नहीं दिखाई देते,लेकिन कानूनी रूप से उनका पंजीकरण कायम है. सोशल मीडिया पर चर्चा में आने वाले कई अतरंगी नाम भी इन्हीं दलों की सूची से सामने आते हैं, जो आम लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन जाते हैं.
लोकप्रियता-चुनावी प्रदर्शन के आधार पर पार्टियों को बांटा गया
भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को उनकी लोकप्रियता और चुनावी प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है.देश में 2854 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के अलावा 67 राज्य स्तरीय या प्रादेशिक दल सक्रिय हैं. वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले 6 प्रमुख राष्ट्रीय दल मौजूद हैं. बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल जहां चुनावी राजनीति में मुख्य भूमिका निभाते हैं, वहीं हजारों छोटे दल चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं. यही विविधता भारतीय लोकतंत्र को दुनिया की सबसे रंग-बिरंगी और अनूठी राजनीतिक व्यवस्थाओं में शामिल करती है.
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