Nipah: कोरोना वायरस के छह साल बाद फिर से निपाह नाम के वायरस ने दहशत पैदा कर दी है। केरलम में इस साल निपाह वायरस का पहला केस मिला है। निपाह वायरस के संक्रमित मरीज 43 साल का है और कोझिकोड का रहने वाला है। राज्य सरकार ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार मरीज को हल्का बुखार आने पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। बाद में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उसकी हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर पर है।
लोगों को क्वारंटीन रहने को कहा
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था। अस्पताल के स्टाफ और उसके संपर्क में आए संभावित लोगों को क्वारंटीन रहने को कहा गया है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। 2018 के बाद से केरलम में छठी बार संक्रमण फैला है। आखिरी बार दो साल पहले 2024 में दो केस मिले थे। इनमें एक की जान चली गई थी।
मरीज निपाह वायरस की चपेट में कैसे आया
अधिकारियों के मुताबिक, मरीज ने हाल ही में एक गोदाम किराए पर लिया था और खुद उसकी सफाई की थी। आशंका है कि इसी दौरान वह संक्रमण की चपेट में आया। निपाह वायरस मुख्य रूप से फ्रूट बैट (फल खाने वाले चमगादड़ों) से फैलता है। मरीज का रूट मैप तैयार किया जा रहा है। संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है। एनआईवी की रिपोर्ट आने के बाद आगे के कदम तय किए जाएंगे।
1998 में मलेशिया में निपाह का पहला केस सामने आया
मलेशिया में 100 लोगों की मौत हुई
1998-99 में पहली बार मलेशिया के सुंगाई निपाह गांव में इस वायरस की पहचान हुई। इसी गांव के नाम पर इसका नाम निपाह वायरस रखा गया। यह वायरस चमगादड़ से फैला था। चमगादड़ों से वायरस सूअरों तक पहुंचा। सूअरों के फार्म में काम करने वाले लोगों संक्रमित हुए।मलेशिया में लगभग 265 लोग संक्रमित हुए हुए थे। 100 से अधिक लोगों की मौत हुई। संक्रमण रोकने के लिए सरकार को 10 लाख से ज्यादा सूअरों को मारना पड़ा। इससे मलेशिया के पोर्क इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
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