Rahul Gandhi: नई दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक हुई. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. साथ ही कांग्रेस नेताओं से अपील की कि राजनीति में ‘मुस्लिम’ शब्द की बजाय अल्पसंख्यक शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. राहुल गांधी के बयान पर अब भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस प्रकार की भाषा बोली उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक नहीं मुस्लिम बोला जाए और कांग्रेस अपने आपको मुस्लिम लीग ही समझती है और मुसलमानों को भड़काने का उनका पहले से रहा है और उसको भड़काने में लग हुए हैं.
“वो संसद में बोलेंगे जलजला आ जाएगा”
वहीं शाहनवाज हुसैन ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने जिस तरह पीएम और इस सरकार के लिए बोला है कि एक साल में सरकार गिर जाएगी उनको मालूम होना चाहिए. ये लोकतांत्रिक तारीके से चुनी हुई सरकार है. पीएम मोदी 140 करोड़ लोगों के दिल में बसते हैं. देश के तरक्की में वह दिन-रात लग हुए हैं और जिस तरह का बयान पहले भी राहुल गांधी ने बोला था कि वो संसद में बोलेंगे जलजला आ जाएगा. लेकिन कुछ नहीं हुआ अभी भी वो देश के लोगों को भड़काने का काम करते हैं. जिस तरह की भाषा राहुल गांधी ने बोला है वो देश हित में नहीं है.
क्या कुछ बोले थे राहुल गांधी?
दरअसल, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में रकहा कि बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. पार्टी को वैसे ही बीजेपी का सामना करना चाहिए, जैसा पहले किया था. कांग्रेस का मुख्य ध्यान अब आर्थिक मामलों पर होगा. बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायत करते हुए कहा कि वो अल्पसंख्यक मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन कई बड़े नेता इसपर चुप्पी साधे हुए हैं. राहुल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है. अन्याय के खिलाफ खुलकर खड़ा होना ठीक है, चाहे वो किसी भी धर्म या वर्ग से हो.
वहीं राहुल गांधी ने कहा कि देश से पीएम मोदी की विदाई एक साल के अंदर निश्चित है. क्योंकि वैश्विक परिस्थिति के कारण जनता में अंसतोष बढ़ेगा जो इस बदलाव का कारण बनेगा. राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी भविष्यवाणियां हमेशा सही साबित हुई है. इस बार भी उनका विश्नास अडिग है.



