Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने आखिरकार 27 दिन बाद अपना अनशन खत्म किया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, वहां उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. वांगचुक ने शुक्रवार सुबह एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि पिछले 2 दिन से सरकार के साथ उनकी बातचीत चल रही थी. इस दौरान 3 प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई. सरकार की ओर से इन मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद अनशन खत्म करने का फैसला लिया.
इन तीन मांगों पर बनी सहमति
1.दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं, संसद चलो मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
2. पेपर लीक और इसके तनाव के कारण जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक रूप से कदम उठाएगी.
3. देश की संसद में शिक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने पर पूरी चर्चा होगी.
वांगचुक ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने कोई आश्वासन नहीं दिया है. उनके लिए सबसे अहम बात छात्रों पर कार्रवाई रुकवानी थी. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इतना जरूरी नहीं था.
“यह आंदोलन सफल रहा है”
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि अंगमो ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आधी रात को, हमें सरकार से स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई FIR न करने, NEET विक्टिम्स के लिए मुआवजा और संसद में शैक्षिक सुधारों पर चर्चा की हमारी मांग मान लेने का लिखित आश्वासन मिला. सरकार की तरफ से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह कल यहां आए थे. उससे पहले, 16 सांसद यहां आए थे, और विपक्ष के 65 सांसदों ने लिखित भरोसा दिया है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होगी. सरकार और विपक्ष ने तय किया है कि इस मॉनसून सेशन में शैक्षिक सुधारों पर चर्चा होगी. इससे पूरा देश जाग गया है. NEET पेपर लीक एक सिम्टम था, लेकिन सिस्टम में इसके कारण मौजूद हैं. हमें उम्मीद है कि यह सरकार के लिए एक वेक-अप कॉल होगा. यह एक सफल आंदोलन रहा है, और इसीलिए सोनम ने अपना अनशन खत्म किया है. कल से, वह सेमी-सॉलिड डाइट पर चले जाएंगे.
वांगचुक के अनशन तोड़ने पर क्या बोले अभिजीत दीपके?
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि हमें राहत और खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. सर, आपके असाधारण साहस और त्याग के लिए आपका धन्यवाद. आपने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया. आपका जीवन इस देश के लिए बेहद अनमोल है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते.
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