Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी(BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बातचीत होती थी. समाजवादी पार्टी की सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है.
एबीपी न्यूज के मुताबिक, अजय आलोक ने कहा कि अखिलेश यादव से टिन्नू यादव की कई बार फोन पर बात हुई थी. जैसे-जैसे मामले की परतें खुलेंगी, देश को पता चल जाएगा कि चोरी की घटना के पीछे कौन लोग है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कई और तथ्य सामने आने बाकी है. समाजवादी पार्टी पहले भी संतों और महात्माओं के आक्रोश को झेल नहीं पाई और आगे भी झेल नहीं पाएगी.
VHP अध्यक्ष ने अयोध्या डीएसपी को लिखा पत्र
दूसरी तरफ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के आरोपों को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई है. साथ ही इन आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, उनकी जांच करने मांग की है. इसके साथ पुलिस कार्रवाई की मांग की है. आलोक कुमार ने कहा कि इससे जांच में बहुत सहायता हो जाएगी. प्रो. राम गोपाल यादव ने कहा कि ये 20,000 करोड़ से ज्यादा का घपला है, प्रियंका गांधी ने कहा है कि हजारों-करोड़ों का चढ़ावा आता है लेकिन हमारी जानकारी में ऐसा नहीं है. ये बड़े लोग हैं, पढ़े-लिखे लोग हैं, बड़े पदों पर लंबे समय से बने हुए हैं तो ये लोग किसी न किसी आधार पर ये बात कह रहे होंगे.मैंने समझा कि यदि पुलिस उनसे पूछे कि उनके पास इन बयानों को लेकर जो सबूत हैं, जानकारी है या गवाह हैं, उसे बताएं ताकि उसे शामिल करके ये जांच पूर्ण की जा सके. इसलिए मैंने अयोध्या के डीएसपी पत्र को लिखा है.
आम आदमी पार्टी ने किया पलटवार
वहीं राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले पर आलोक कुमार द्वारा पत्र लिखकर विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच की मांग पर AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इससे ये बात साफ है कि विश्व हिंदू परिषद परेशान है कि चंदा चोरी की बात पूरे देश में की जा रही है. यदि उनकी नीयत साफ होती तो वे कहते कि VHP के अंदर कई लोग हैं, जो इस बारे में बताना चाहते हैं क्योंकि उन्हीं की संस्था से जुड़े लोग इस ट्रस्ट में शामिल थे. लेकिन एक भी गवाह उन्होंने पेश नहीं किया.इसका मतलब आलोक कुमार ने सरेंडर कर दिया है. वे खुद मानकर बैठ गए हैं कि उनकी पार्टी के लोग चंदा चोरी के विषय में गवाह नहीं बनेंगे.
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