Asaduddin Owaisi Namaz on Road: एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने देश में अजान,नमाज और मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखी आलोचना की है.उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्ग लगातार मुसलमानों को निशाना बनाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है. एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि बकरीद और रमजान जैसे त्योहार आते ही अजान और नमाज पर विवाद खड़ा किया जाता है.आजादी की लड़ाई में कई मुस्लिम उलेमाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और अपनी जान तक कुर्बान कर दी थी,लेकिन आज उसी समुदाय को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर सड़कों पर नमाज पढ़ना गलत माना जाता है तो संविधान के आर्टिकल 25 का हवाला देते हुए सभी धर्मों की धार्मिक गतिविधियों पर समान रूप से पाबंदियां लगानी चाहिए. यह अनुच्छेद धर्म की स्वतंत्रता और अपने धर्म का पालन और प्रचार करने के अधिकार की गारंटी देता है. नमाज पर लोगों की आपत्ति दोहरे मापदंड को दर्शाती है. दूसरे समुदायों की ओर से आयोजित धार्मिक जुलूसों और सभाओं पर इसी तरह की चिंताएं क्यों नहीं जताई जाती?
जब भारत में दूसरे मज़हब के लोग सड़कों पर अपना त्योहार मना सकते हैं, तो मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने से क्यों रोका जा रहा है? : Barrister @asadowaisi pic.twitter.com/1e6qHcCArP
— AIMIM (@aimim_national) May 30, 2026
“हाशिए पर धकेलना चाहते हैं”
AIMIM चीफ ने कहा कि आर्टिकल 25 को याद रखें अगर सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है तो हर धर्म के त्योहारों पर लोगों का सड़क पर निकलना भी गलत है. अगर आप कहते है किसी त्योहार के दौरान मांस की दुकानें बंद रहनी चाहिए तो रमजान में भी 30 दिनों तक शराब की दुकानें भी बंद कर दें. उन्होंने मांस और अंडे की बिक्री पर लगाई जाने वाली पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह किस तरह का कानून है.क्या आपकी नफरत सिर्फ मुसलमानों के लिए है. आपकी नफरत साफ दिखाती है कि आप इस धर्म को मानने वालों को दबाना चाहते हैं और उनको हाशिए पर धकेलना चाहते हैं.आप उनको दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना चाहते हैं.
नमाज पर सीएम योगी की आई थी प्रतिक्रिया
बता दें कि बीते दिनों यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में सड़कों पर नमाज कतई नहीं होने दी जाएगी क्योंकि सड़कें आम नागरिकों, बीमारों और व्यापारियों के आवागमन के लिए हैं. कानून का राज सबके लिए समान है, इसलिए अगर संख्या अधिक है तो लोग शिफ्ट में या अपने तय धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ें. उन्होंने स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार सड़कों पर अराजकता नहीं फैलने देगी. यदि संवाद और प्यार से नहीं मानेंगे तो उनके खिलाफ कानूनन कड़ा तरीका अपनाया जाएगा.
कोलकाता में रेड रोड पर नमाज की नहीं दी थी अनुमति
वहीं पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने कोलकाता में रेड रोड पर पारंपारिक ईद की नमाज की अनुमति न देने का फैसला किया. इस सभा को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया.ओवैसी ने धार्मिक यात्राओं और जुलूसों से इसकी तुलना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान सड़कें घर ली जाती है, लेकिन उनपर वैसी आपत्तियां नहीं उठाई जाती.



