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“बच्चा भी देख कर चप्पल से कुचल देता, नाम बदल लो…” हरियाणा सरकार के मंत्री विज का कॉकरोच जनता पार्टी पर तंज

Anil Vij

Cockroach Janta Party: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद बनी कॉकरोच जनता पार्टी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है. कल 6 जून को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का पहला प्रदर्शन भी हुआ. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके भी पहुंचे. इसके साथ ही बड़ी संख्या में युवा भी प्रदर्शन में शामिल हुए. शनिवार को हुए CJP के प्रदर्शन के बाद विभिन्न राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं आई है. इसी कड़ी में हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने एक्स पर पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर तंज कसा है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि कॉकरोच एक बहुत ही गंदे कीट का नाम है. इसको छोटा बच्चा भी देख कर चप्पल से कुचल देता है.संघर्ष करो यह प्रजातंत्र में सबको अधिकार है परंतु अपना नाम बदल लो.

AAP संयोजक केजरीवाल की भी आई थी प्रतिक्रिया
इससे पहले AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की शनिवार को प्रतिक्रिया आई. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि कॉकरोच आंदोलन इस देश के युवाओं के भीतर मौजूद गुस्से और निराशा की अभिव्यक्ति है. उन्हें देशविरोधी कहने के बजाय मोदी सरकार को उनकी समस्याओं और मांगों पर ध्यान देना चाहिए. आम आदमी पार्टी उनकी मांगों का समर्थन करती है. प्रधानमंत्री को तत्काल शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए.

13 जून को फिर हो सकता है प्रदर्शन
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन करीब 5 घंटे तक चला. इस दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि जब उनकी फ्लाइट दिल्ली में लैंड होने वाली थी. तो उन्हें लगा जैसे वे आजादी के अपने आखिरी पल जी रहे हों.लेकिन वो इस मकसद के लिए अपनी आजादी की कुर्बानी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. सरकार सोशल मीडिया से हमारी पोस्ट हटा सकती है,हमें मिटा नहीं सकती.उन्होंने कहा कि दोस्तों, यह एक लंबी लड़ाई है. हमें सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए एक महीना हो गया, लेकिन ये कार्रवाई करने की बजाय दूसरी चीजों की तरफ ध्यान भटका रहे हैं.

अभिजीत ने आगे कहा कि जब मैं भारत से पढ़ने के लिए अमेरिका जा रहा था तब मेरी मां रो रही थी कि मेरा बेटा जा रहा है, वो बात मैं समझ सकता था. लेकिन मेरी मां उस दिन उतना नहीं रोई जितना मैं अमेरिका से अब वापस आ रहा था तब रो रही थी. पिछले दो तीन दिन से मेरी मां और मेरी बहन रो रहे हैं कह रहे हैं अगर तू वापस आ जाएगा तो तुझे ये लोग अंदर डाल देंगे. उनको मेरे घर आने का डर था. ये डर मेरी मां का आखिरी डर नहीं है. इस देश में जो भी बच्चा, जो भी स्टूडेंट,जो भी युवा राजनीति पर बोलेगा, इस सरकार के खिलाफ बोलेगा, उस पर उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को ये कहीं अंदर ना डाल दे. कब तक हम ऐसे डरकर बैठेंगे. एक बार इनको बता दो, अब हम इनकी डर की राजनीति से डरने वाले नहीं है. इस दौरान अभिजीत दीपके ने नारे लगाए नहीं डरेंगे,नहीं डरेंगे, तुम्हारी राजनीति से नहीं डरेंगे. धर्म की राजनीति बंद करो, हिंदू-मुसलमान की राजनीति बंद करो.

कौन है अभिजीत दिपके?
30 वर्षीय अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्टैटेजिस्ट हैं. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.फिलहाल वे अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स कर रहे हैं. 2020 से लेकर 2022 तक अभिजीत आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्टैटेजिस्ट रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था. एडमिशन मिलने के बाद वे अमेरिका में शिफ्ट हो गए.

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