American Government : ईरान पर इजराइल और अमेरिका द्वारा हमले पर अब सवाल उठने लगे हैं। अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई बैठक के बाद अमेरिकी सांसद क्रिस मर्फी ने कहा है कि ट्रम्प सरकार की ईरान जंग से जुड़ी प्लानिंग साफ और पूरी तरह तैयार नहीं लगती। उन्हें डर है कि यह लड़ाई आगे चलकर बहुत लंबी और अंतहीन जंग बन सकती है। मर्फी ने कैपिटल हिल में दो घंटे की सीक्रेट ब्रीफिंग के बाद कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार इस जंग पर खुलकर बात नहीं कर रही, इसलिए सारी जानकारी बंद कमरे में दी जा रही है।
ना ईरान का परमाणु कार्यक्रम ना सरकार बदलना
उन्होंने कहा कि वह सीक्रेट जानकारी शेयर नहीं कर सकते, लेकिन ब्रीफिंग से यह पता चला कि इस जंग का मेन टारगेट ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना नहीं है। यह बात उन्हें हैरान करने वाली लगी, क्योंकि ट्रम्प कई बार इसे बड़ा टारगेट बता चुके हैं। मर्फी ने यह भी कहा कि ईरान की सरकार बदलना भी अमेरिका के मुख्य टारगेट में शामिल नहीं है। उनका कहना है कि अगर ऐसा है तो अमेरिका इस युद्ध में बहुत पैसा खर्च करेगा और जान का नुकसान भी हो सकता है, लेकिन आखिर में ईरान में वही सख्त सरकार बनी रह सकती है।
यह भी पढें: ट्रंप और पुतिन के बीच एक घंटे बात, जंग खत्म कराने के प्रयास में रुस
इजराइल का बेरूत में हमला
इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक रिहायशी इमारत पर हमला किया है। यह हमला शहर के आइशा बक्कर इलाके में हुआ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली हमले में एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग को निशाना बनाया गया। फिलहाल इस हमले में कितना नुकसान हुआ या कितने लोग घायल हुए, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
यह भी देखें : NSUI के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की KBP TIMES से बातचीत
जंग मे अमेरिका के 140 सैनिक घायल, 7 की मौत
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। इस युद्ध में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। उधर ईरान का कहना है कि उसके देश में हुए हमलों में करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के मुताबिक देश में करीब 9600 सिविलियन इलाकों को निशाना बनाया गया। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, मेडिसिन सेंटर्स और स्कूल भी शामिल हैं। इस बीच ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव को निशाना बनाया गया।



