Iran-Israel war: पिछले 11 दिनों से चल रहा ईरान.इजराइल और अमेरिका के बीच युद्व खत्म कराने के रुस ने प्रयास शुरु किए हैं। इसी सिलसिले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। बताया जा रहा है कि ईरान के साथ युद्व को लेकर बात हुई है। ट्रम्प की ओर से कहा गया है कि पुतिन ने कहा है कि रूस, ईरान जंग खत्म कराने में मदद करना चाहता है। मीडिया से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी और पुतिन की पहली बातचीत थी। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है।
ईरानी फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी
एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। जिन खिलाड़ियों को वीजा मिला है उनके नाम फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी, जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी हैं। सरकार ने कहा है कि अगर बाकी खिलाड़ी भी चाहें तो वे भी ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं।
डर गई थीं महिला फुटबॉल खिलाडी
दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। रविवार को गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने टीम के समर्थन में “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने की मांग की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दे दिया गया है। इस वीजा के तहत वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी कर सकती हैं। इसी मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।
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ट्रम्प बोले- ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमले की जानकारी नहीं
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के एक स्कूल पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हमले की खबरों के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की अभी जांच चल रही है। यह मामला 28 फरवरी को ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में गर्ल्स स्कूल पर हुए एक धमाके से जुड़ा है। उस दिन स्कूल के पास जोरदार विस्फोट हुआ था। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। ईरान ने इसके लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि अमेरिका ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि मामले की जांच हो रही है। ट्रम्प ने कहा कि टॉमहॉक मिसाइल बहुत ताकतवर हथियार है और इसे सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि कुछ दूसरे देश भी इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है ईरान के पास भी कुछ ऐसी मिसाइलें हों, इसलिए अभी कुछ पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
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