Finance Minister : केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की नसीहत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला आयकर सिंधु इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं।
अफसरों को दी इंटीग्रिटी बनाए रखने की सलाह
वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी।
13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया
वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक आईटी अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए।
सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई
वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर श्आयकर सिंधुश् इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है।
मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा
वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी।
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