PM Modi Visit: हरियाणा के जींद के एकलव्य स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ किया. जिसमें कुरुक्षेत्र में सिख म्यूज़ियम और 24.27 किलोमीटर लंबे हांसी-बरवाला ब्राउनफ़ील्ड हाईवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी. इसके अलावा कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और अन्य प्रोजेक्ट्स को भी देश को समर्पित किया. इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने हरियाणवी मैं सबको कहा आप सभी को मेरी राम-राम, आज इस पवित्र धरती पर आकर मन गदगद हो गया है. यो कोई साधारण धरती ना सै, यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै. आज जींद बीजेपी-NDA के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है. आज जींद का हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. आज यहां से देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है. भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा तो जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी आएगा. मैं आप सभी को पूरे देश को भारतीय रेल की आधुनिकता से जुड़े इस बड़े कदम के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
“दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित है”
PM मोदी ने कहा कि आज 14000 करोड़ रुपए से अधिक के अन्य परियोजनाएं भी हरियाणा को मिले हैं. इसमें रेलवे, हाईवे के अनेक परियोजना है, हमारी विरासत से जुड़े परियोजना है, और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित है. इससे हरियाणा की स्वास्थ्य सेवा और सशक्त होगी. इन सभी परियोजना के लिए मैं हरियाणा के सभी भाई-बहनों को बधाई देता हूं. मैं आज जींद वालों से कुछ मांगने आया हूं, क्या इस सफाई और स्वच्छता के लिए मोदी का आना जरूरी है? अगर जींद और हरियाणा के लोग तय कर लें कि अब हम गंदगी नहीं करेंगे. तो जींद और हरियाणा कभी गंदा होगा क्या. मोदी के आने की जरूरत नहीं है केवल आप तय कर लीजिए कि स्वच्छता को हमारा स्वभाव बनाएंगे. स्वच्छता को हमारा संस्कार बनाएंगे. हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे.
“भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे लंबी भी है”
उन्होंने कहा कि अगर हम रेलवे के इतिहास पर नजर डालें तो पाते हैं कि 19वीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से थी. 20वीं सदी की पहचान डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी और अब 21 वीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है. आज भारतीय रेल ने भी 21वीं तकनीकी में एक बड़ा स्टेप लिया है आज जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन चली है अभी ये सफल 90 किमी का है लेकिन भविष्य इसका विस्तार होने की बहुत सी संभावनाएं हैं. दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी अस्तित्व में आई है. अभी दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है.लेकिन भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको और एक-एक हिंदुस्तानी को गर्व होगा. जींद से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है. ये ट्रेन 3200 हॉर्स पॉवर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, बल्कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे लंबी भी है.
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