Mayor : राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद भी कई निकायों की स्थिति साफ नहीं हो पाई है। जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवर और पाली नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में अब दोनों ही पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस इन निगमों में बोर्ड बनाने के लिए जोड़-तोड़ की गणित में लगी हैं। जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका को छोड़कर 305 निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन शुरू हो गए हैं।
आयोग ने किया चुनाव स्थगित
राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। इनमें 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों के लिए वोटिंग नहीं होगी। सोमवार को काउंटिंग के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण इन चारों निकायों के 10 बूथों पर रिजल्ट अटक गए थे। इन बूथों पर 16 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रिपोलिंग होगी। 17 सितंबर को मतगणना होगी।
बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों के भरोसे
अजमेर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में मेयर-डिप्टी मेयर अपनी पार्टी का बनाने के लिए दोनों ही दल निर्दलीयों के समर्थन के भरोसे हैं। दोनों ही पार्टी में फिलहाल मेयर पद का प्रत्याशी तय नहीं हो पाया है। यहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा 37 सीट मिली हैं।
भाजपा में मेयर के लिए इन नामों पर विचार –
पार्षद अनामिका शर्मा, पार्षद मोनिका जैन, पार्षद रंजना सोनी, पार्षद नलिनी शर्मा
कांग्रेस में मेयर के लिए इन नामों पर विचार –
पार्षद रश्मि शर्मा, पार्षद रश्मि हिंगरोनी, पार्षद किरण गढ़वाल, पार्षद बबीता सैन
4 निगम में बीजेपी बनाएगी मेयर
जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में बीजेपी मेयर बनाएगी। बीकानेर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है। पाली और अजमेर में कांग्रेस और अलवर में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। जोधपुर में कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर है। भरतपुर में निर्दलीय आगे रहे। इसी तरह प्रदेश की 47 नगर परिषद में से 28 परिषदों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। यहां निर्दलीय किंगमेकर होंगे। 12 नगर परिषद में भाजपा, 6 में कांग्रेस और 1 में आम आदमी पार्टी (आप) को बहुमत मिला है।
बाप ने सभी पदाधिकारियों को हटाया
बांसवाड़ा के तीनों निकायों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की हार और खींचतान के बाद संगठन ने सभी पदाधिकारियों को हटा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने लेटर जारी कर आदेश दिया है। इस मामले में उनका कहना है कि पार्टी पदाधिकारियों ने काम नहीं किया, टिकट वितरण भी सही ढंग से नहीं किया था। इसी के साथ भितरघात और आपसी खींचतान के चलते पार्टी सीट नहीं बना पाई।
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