Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में आज गुरुवार को TMC के 10 बागी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान रीताब्रता बनर्जी ने कहा कि जून महीने की 22 तारीख को कोलकाता में हमारा एक प्रतिनिधि सत्र आयोजित हुआ जिसके आधार पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को चुना गया और अरूप राय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (बागी गुट) का चेयरपर्सन चुना गया. जैसे ही हमारी ये विशेष बैठक हुई हमने चुनाव आयोग से 23 तारीख को मिलने के लिए समय मांगा. हमने चुनाव आयोग से निवेदन किया था कि वे जितने भी सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति देंगे, हम यहां आकर पूरी बेंच से मुलाकात करेंगे. हम चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहते हैं कि चुनाव आयोग की पूरी बेंच ने हमसे मुलाकात की.हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग जल्द ही हमसे संपर्क करेगा.
रीताब्रता बनर्जी ने आगे कहा कि हम ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस हैं. दो तिहाई से भी ज्यादा विधायक, जिला परिषद के सदस्य, पार्षद आदि सभी हमारे साथ है. ऐसे में (TMC के चुनाव चिन्ह को लेकर)मांग की कोई बात ही नहीं है. जब भी पार्टी में इस तरह का सत्र होता है तो चुनाव आयोग को इसके बारे में तुरंत सूचित किया जाना चाहिए.हम शुक्रगुजार हैं कि चुनाव आयोग ने हमारे पूरे बेंच से मुलाकात की. वहीं मुलाकात से पहले बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरते हुए कहा था कि 291 विधानसभा क्षेत्रों में हर जगह ममता बनर्जी की तस्वीरें थीं, फिर भी TMC हार गई. बंगाल का जनादेश तृणमूल के खिलाफ रहा है.
“हमने पार्टी के चुनाव चिह्न की मांग की”
TMC विधायक संदीपन साहा ने कहा कि 22 जून 2026 के दिन कोलकाता में हमारी एक बैठक हुई थी और वहां पर राष्ट्रीय कार्य समिति का गठन हुआ है. उसके अनुसार हम लोगों ने चुनाव आयोग को एक पत्र दिया था. उसी उद्देश्य से आज हम मुलाकात के लिए गए थे. चुनाव आयोग की पूरी बेंच वहां थी और उन्होंने धैर्य के साथ हमारी बात सुनी.वहीं TMC नेता शुभाशीष दास ने कहा कि मैं प्रतिनिधिमंडल के साथ था. हमारी ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक हुई. हमें जो कहना था, वह हमने उन्हें बता दिया है और उन्होंने उसे नोट कर लिया है. बाद में वे हमें स्थिति के बारे में बताएंगे. हमने पार्टी के चुनाव चिह्न की मांग की.
“चुनाव आयोग अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है”
वहीं TMC सांसद सागरिका घोष ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि देश के सामने खुलासा हुआ है कि चुनाव आयोग को भाजपा चला रही है. खासकर गृहमंत्री अमित शाह चला रहे हैं. चुनाव आयोग के अपने नियम के अनुसार केवल एक राजनीतिक पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि चुनाव आयोग के फुल बेंच के साथ मुलाकात कर सकते हैं. राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधि ही चुनाव आयोग को चिट्ठी दे सकते हैं कि फुल बेंच के साथ मुलाकात करें. लेकिन आज हमने देखा है कि एक ‘टुटफुटिया’ झुंड जो पता नहीं कहां से आए हैं, एक नेता जो पार्टी से निकाले जा चुके हैं ये ‘टुटफुटियाट जाकर चुनाव आयोग के फुल बेंच से मिले हैं. हम पूछना चाह रहे हैं कि चुनाव आयोग के अपने नियम के अनुसार केवल अधिकृत प्रतिनिधि से मिल सकते हैं तो चुनाव आयोग के बेंच ने कैसे इनसे मुलाकात की है. ये भाजपा और अमित शाह की साजिश है. चुनाव आयोग अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है.
TMC से 58 विधायक और 20 सांसद हुए अलग
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद 3 जून को टीएमसी के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे. 15 जून को TMC के 20 सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में विलय कर लिया था. TMC के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 सांसद अलग हो गए हैं. ममता बनर्जी के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं. वहीं अगर राज्यसभा की बात करें तो TMC के 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं अब पार्टी के पास सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं. 2026 के विधायक चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं. ममता बनर्जी के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं.
यह भी पढ़ें: बेंगलुरु में दर्दनाक हादसा, खदान में मजदूरों पर गिरी बड़ी चट्टान, 9 मजदूरों की मौत, कई घायल



