America-Iran : कतर में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत के लिए अपने एक विशेष दूत को कतर भेज भी दिया है लेकिन तेहरान ने कहा है कि उसे अभी बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं।
ईरान तैयार नहीं
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो डील को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा।
यूएई ने लेबनान से ट्रेवल बैन हटाया
संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों के लिए लेबनान की यात्रा पर लगी दो महीने पुरानी पाबंदी हटा दी है। यूएई सरकार ने कहा कि लेबनान जाने वाले सभी नागरिकों को यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय में अपना पंजीकरण कराना होगा। बता दें कि यूएई ने 30 अप्रैल को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते अपने नागरिकों के ईरान, लेबनान और इराक जाने पर रोक लगा दी थी। साथ ही इन देशों में मौजूद अमीराती नागरिकों से तुरंत स्वदेश लौटने की अपील की गई थी। सरकार ने फिलहाल केवल लेबनान के लिए यात्रा प्रतिबंध हटाया है। ईरान और इराक की यात्रा पर लगी रोक अब भी जारी रहेगी।
इस बीच, युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार सोमवार को तेहरान और दुबई के बीच हवाई उड़ानें दोबारा शुरू हुई हैंय़
होर्मुज पर ईरान-ओमान में सहमति बनी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के प्रबंधन को लेकर साझा सहमति बनने का दावा किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज के प्रशासन और जहाजों की आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर समान समझ विकसित की है। होर्मुज संयुक्त समिति की पहली बैठक के बाद गरीबाबादी ने कहा कि ओमान भी तटीय देश होने के नाते इस व्यवस्था में शामिल रहना चाहता है। उनके मुताबिक, ओमान का मानना है कि जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाना चाहिए।
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