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फर्जी ताईक्वांडो सर्टिफिकेट से शिक्षक भर्ती में कराया चयन, पूर्व खेल संघ सचिव गिरफ्तार

Fake Certificate case

Fake Certificate : राष्ट्रीय स्तर के फर्जी ताईक्वांडो सर्टिफिकेट के जरिए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे के तहत चयन कराने के मामले में एसओजी ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति करीब डेढ़ लाख रुपए लेकर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र तैयार किए जाते थे, जिनके आधार पर भर्ती में लाभ दिलाया जाता था। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने फर्जी खेल सर्टिफिकेट लगवाकर अभ्यर्थियों को नौकरी दिलवाने के मामले में टोगोबार खेल संघ के पूर्व सचिव बुधाराम पुत्र शंकरलाल टांक निवासी पीपाड़ सिटी, जिला जोधपुर को गिरफ्तार किया है।

खेल कोटे के तहत 2% अभ्यर्थियों का किया जाना था चयन

एडीजी एसओजी एवं एटीएस विशाल बंसल ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित तृतीय श्रेणी शिक्षक (लेवल-1) भर्ती परीक्षा में खेल कोटे के तहत 2% अभ्यर्थियों का चयन किया जाना था। जांच में सामने आया कि ताईक्वांडो खेल के राष्ट्रीय स्तर के फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर दो गुना चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने चयन के बाद शिक्षा विभाग की चयन समिति के सामने ये डॉक्यूमेंट्स पेश किए थे।

दलालों के जरिए फर्जी खेल सर्टिफिकेट

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों ने विभिन्न दलालों के माध्यम से फर्जी खेल प्रमाण-पत्र प्राप्त किए थे। प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए ताईक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद (झारखंड) के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर को कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट(फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट) भेजी गई थी।

1.50 लाख रुपए में फर्जी खेल सर्टिफिकेट

एसओजी की पूछताछ में गिरफ्तार अभ्यर्थी कविता ने खुलासा किया कि उसने करीब तीन साल पूर्व खेल कोटे से नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से बुधाराम टांक को 1.50 लाख रुपए देकर वर्ष 2016-17 का बैकडेटेड राष्ट्रीय ताईक्वांडो खेल प्रमाण-पत्र हासिल किया था।

सर्टिफिकेट के लिए दो लाख रुपए की राशि की गई थी तय

जांच में सामने आया कि बुधाराम टांक साल 2020 से 2023 तक जोधपुर जिले में टोगोबार खेल संघ का सचिव रहा था। इसी दौरान उसके संपर्क हरियाणा निवासी सतीश डूल और विवेक से हुए, जिन्होंने कथित रूप से फर्जी राष्ट्रीय स्तर के ताईक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार किए। प्रत्येक प्रमाण-पत्र के लिए करीब दो लाख रुपए की राशि तय की गई थी। एसओजी के अनुसार, फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कर बस के माध्यम से जोधपुर भेजे गए, जिन्हें बुधाराम टांक ने अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 1.50 लाख रुपए लिए गए। बाद में इन अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती में चयन के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग के समक्ष अन्य दस्तावेजों के साथ ये फर्जी खेल प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत कर दिए। मामले की जांच जारी है और एसओजी गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों तथा लाभार्थियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

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