Ram Mandir Donation Case: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शुक्रवार को अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा में पहुंचे. जहां उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो कार्य आज दिखाई दे रहा है, हो रहा है वास्तव में, वो कार्य 1947 में प्रारंभ हो जाना चाहिए था. आज आप देख रहे होंगे, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर पूरे देशवासियों का आह्वान किया कि अगर भारत को विकसित भारत बनाना है तो इसके लिए हमें 25 वर्ष की एक बड़ी कार्य योजना को ध्यान में रख करके कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि 2022 में पीएम मोदी ने कहा था कि इसके लिए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य करना होगा.
श्री राम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं…
SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी…
अगर कोई अपराधी है, वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है… pic.twitter.com/8YsbHVBKUv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 19, 2026
“जो लोग राम भक्तों को अपमानित करते थे”
सीएम योगी ने कहा कि ये लोग क्या हमें बताएंगे जो लोग राम भक्तों को अपमानित करते थे और जो प्रदेश के कुख्यात माफियाओं की कब्र पर जा करके फातिहा पढ़ते थे. ये लोग आज राम भक्ति का उपदेश हमें देने चले हैं. हम इन लोगों के बहकावे में ना आएं, मेरे आप सब से ये अपील है. आज के अवसर पर मैं बधाई दूंगा रुदौली के अपने विधायक रामचंद्र यादव को और उनकी पूरी टीम को. अयोध्या का विकास तब हो पाया जब हमारे जनप्रतिनिधि सक्रिय थे. ये लगातार सहयोग किए। प्रशासन के साथ मिलकर टीम भावना के साथ आगे बढ़े. परिणाम हम सब के सामने आया. आज अयोध्या एक नई अयोध्या के रूप में दुनिया को आकर्षित कर रही है और यही तो विपक्ष को अच्छा नहीं लग रहा है. अयोध्या सोलर नगरी बन गई है, सोलर सिटी बन गई है. अयोध्या की फोर लेन इनको अच्छी नहीं लगती. महर्षि बाल्मीकि के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इनको अच्छा नहीं लगता.जिन लोगों ने अब तक अयोध्या में राम जन्मभूमि में दर्शन नहीं किया और जिन्होंने अपने विधायकों को भी अयोध्या धाम जाने से रोका.
“वो बाबर की पूजा करने वाले लोग हैं”
उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा, प्रतापगढ़ ऊंचाहार के विधायक और वर्तमान में प्रदेश सरकार में मंत्री मनोज पांडे ने जब समाजवादी पार्टी के विधायक के रूप में कहा कि अयोध्या में सभी विधायकों को दर्शन करने के लिए जाना चाहिए, हमने प्रस्ताव स्वीकार किया. अखिलश यादव ने तुरंत रोक लगा दी. कहा अयोध्या में कोई दर्शन करने नहीं जाएगा क्योंकि उनकी भक्ति राम पर नहीं थी. वे तो बाबर को मानने वाले लोग हैं. वो बाबर की पूजा करने वाले लोग हैं. कैसे? और उन्होंने मनोज पांडे को धिक्कार करके बाहर कर दिया.
“ये कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए. क्योंकि ये लोग स्वयं क्षमता विहीन थे, कर नहीं सकते थे. तब अयोध्या को बिजली नहीं मिलती थी. अयोध्या को इन्होंने बिजली नहीं दी. संकरी गलियों में बांध करके रख दिया था. आज दुष्प्रचार करके हमारी सप्त पुरियों में से पहली पुरी अयोध्या धाम को ये लोग अपमानित करते हैं, दुष्प्रचार करते हैं, अपमानित करते हैं. हम इनके बहकावे में कतई ना आएं. इनका आचरण आपके सामने है. इन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलाई हैं. जय श्री राम बोलने पर लाठी भाजी थी. भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा करते थे और हर प्रकार की बाधाएं खड़ी करके न्यायालय में अपने अधिवक्ता खड़े करके रोड़े अटकाने का काम करते थे. इन लोगों को उपदेश देना बंद करें. SIT गठित हुई है. दूध का दूध और पानी का पानी होगा. मेरी सभी संबंधित से यही अपील होगी, SIT की रिपोर्ट आने तक कोई बयानबाजी कतई न करें. क्योंकि बीच-बीच में जब बयानबाजी होती है तो वो जांच को प्रभावित करती है, जांच चलने दें. जांच के बाद किसी पक्ष को कोई बात कहनी होगी, SIT उसके लिए तैयार होगी. लेकिन अनावश्यक रूप से चरित्र हनन का प्रयास न करें. अनावश्यक रूप से अयोध्या धाम को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास न करें. अगर कोई अपराधी है और कोई भी होगा, बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है. अगर किसी के पास कोई सबूत है तो वे कृपया SIT को दें.
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