G-7 Summit: फ्रांस में चल रहे जी 7 समिट सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने आउटरीच सेशन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। मोदी ने फ्रांस के एवियन में कहा, ‘ होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।’ उधर, कांग्रेस ने पीएम के बयान में अमेरिका का जिक्र न होने पर आलोचना की। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, जी-7 में पीएम मोदी ने देश का सिर झुका दिया। देश के 3 नाविकों की अमेरिका ने हत्या कर दी है। सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे। पीएम मोदी के पास ही बैठे थे।
मोदी की अनेक नेताओं के साथ बैठक
जी 7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने यूएई, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, रणनीतिक साझेदारी और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। यूएई के राष्ट्रपति के साथ बैठक में दोनों देशों के मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने पर बात हुई और पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई सरकार का आभार जताया।
केन्या पुराना साझेदार
केन्या के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में उन्होंने दोनों देशों को ग्लोबल साउथ का पुराना साझेदार बताया, जबकि जापान की प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स (भविष्य की तकनीक) में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान भी दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को दोहराया गया।
सेशन में मोदी की स्पीच के 5 पॉइंट्स
-आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
-आपसी भरोसा सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।
-भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप का आधार भी है।
-भारत का मानना है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं।
-ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सोच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के तौर पर काम करना चाहिए।
ट्रम्प कुर्सी से खड़े हुए, मोदी से हाथ मिलाया
दरअसल, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। पीएम मंगलवार को यहां स्लोवाकिया से पहुंचे थे। पीएम की ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प सीट से खड़े हुए और उनसे हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। पीएम मोदी की पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन के बाद ट्रम्प के साथ ये पहली मुलाकात रही। पिछले 16 महीनों के दौरान भारत-अमेरिका रिश्ते खासे उतार-चढ़ाव वाले रहे। इनमें ट्रम्प टैरिफ और एच-1 बी वीसा के मुद्दे खास रहे। हाल में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना भी साने आई है।
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