US-Iran Peace Deal: ईरान और अमेरिका जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर राजी हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए लिखा कि ईरान के साथ समझौता हो गया है. वहीं दूसरी तरफ ईरान की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका के साथ कई महीनों की लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने शांति समझौते के मसौदे पर सहमति बना ली है, साथ ही MoU को भी आखिरी रूप दे दिया गया है. इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है.
I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries.
India hopes that the implementation of this understanding will…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ पर स्वागत करता हूं. इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न हुआ है और कई देशों में लोगों की जान गई है. भारत को आशा है कि इस समझ के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा समुद्री मार्गों पर आवागमन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी. हम उम्मीद करते हैं कि शेष मुद्दों पर होने वाली बातचीत भी आगे बढ़ेगी और एक टिकाऊ तथा अंतिम समझौते तक पहुंचने में सफल होगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया समझौते का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने (14 जून) को ट्रुथ पर पोस्ट कर लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है.स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन होंगे. इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे. 60 देशों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी. ईरान पर लगे प्रतिबंधों, परमाणु कार्यक्रम और फ्रीज फंड रिलीज करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. वहीं जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता तब तक अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी.
अमेरिका-ईरान पीस डील पर ईरान ने जताई नाराजगी
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान पीस डील पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समझौता इजराइल पर लागू नहीं होता और इजराइल इसकी शर्तों का हिस्सा नहीं है. बेन ग्वीर ने कहा कि इजराइल अमेरिका के अधीन नहीं है. हम एक आजात और संप्रभु देश हैं. हम इस समझौते के पक्षकार नहीं है और यह देश की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता. इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के जिन इलाकों पर कब्जा किया है. वो वहां से पीछे नहीं हटना चाहिए.
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