Iran-US Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनई ने नई डील को मंजूरी दी है. नई डील के तहत ईरान की तरफ से मंजूर किया गया है कि वो कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखेगा और होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया जाएगा. दूसरी तरफ ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी IRNA के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है कि उनके बीच कोई डील हुई है, अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. हम अपनी रेड लाइन्स पर कभी समझौता नहीं करेंगे. वहीं इससे पहले ट्रंप की ओर से गुरुवार को ईरान पर बमबारी और तेल निर्यात के मुख्य केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की धमकी दी थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले और बमबारी रद्द करने की बात कही. हमला रद्द करने की वजह ईरानी नेतृत्व से बातचीत को सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचाना बताया.
अमेरिका ने ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों की ओर ड्रोन भेजे. फॉक्स न्यूज के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने दो ईरानी ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को मार गिराया, जिससे संभावित खतरे को टाल दिया गया.
फ्रांस और लेबनान ने युद्धविराम की कोशिशों पर किया मंथन
लेबनान के विदेश मंत्री यूसुफ रागी और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो के बीच इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई. फ्रांस ने लेबनान सरकार की मध्यस्थता वाली वार्ता में भागीदारी को साहसिक कदम बताया, जबकि लेबनान ने उम्मीद जताई कि बातचीत से स्थायी युद्धविराम और इजराइली सेना की वापसी का रास्ता निकलेगा.
हिजबुल्लाह का दावा- इजराइली ठिकानों पर 24 बड़े हमले
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी क्षेत्र में इजराइली सेना के ठिकानों, सैनिकों और सैन्य वाहनों पर 24 हमले किए हैं. संगठन के अनुसार, ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट हमलों के जरिए कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे सीमा क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
ट्रम्प के फैसले से राहत,वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें कम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई टालने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 89.17 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 86.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. साप्ताहिक आधार पर भी दोनों प्रमुख बेंचमार्क में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
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