Business : भारत अमेरिका के बीच आने वाले दिनों में समझौते को अंतिम रुप दिया जा सकता है। अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और केवल 1 प्रतिशत बातचीत बाकी है. यह जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक कार्यक्रम में दी. उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, क्योंकि दोनों देश बातचीत को पूरा करने में लगे हैं.
जून मध्य में आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
भारतीय तकनीकी संस्थान दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून के बीच भारत आएगा और आगे की बातचीत करेगा.
व्यापार को बढ़ावा देना है डॉनल्ड ट्रंप का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत की एक टीम वॉशिंगटन गई थी ताकि समझौते के अंतिम हिस्से को पूरा किया जा सके. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है, जिससे अमेरिकी कंपनियों और कामगारों को नए अवसर मिल सकें.
भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है. उन्होंने इसे गहरे आर्थिक सहयोग और मजबूत संबंधों का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है और व्यापार वृद्धि में डिजिटल व्यापार, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और नई तकनीकों की भूमिका है.
भारत और अमेरिका व्यापार डील
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकें वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल रही हैं और इस क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी मजबूत है. उन्होंने कहा कि यह संबंध दोनों देशों के लिए ठोस लाभ देने वाला होना चाहिए और अमेरिका भारत को दुनिया के उभरते प्रभावशाली केंद्रों में से एक मानता है. भारत और अमेरिका ने फरवरी में एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति जताई थी और व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया था.
बातचीत जारी
भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार बाजार पहुंच, कस्टम प्रक्रिया, गैर-टैरिफ बाधाएं, व्यापार सुगमता और आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर बातचीत जारी है. उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, स्पेस और अन्य उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि उद्देश्य भरोसेमंद साझेदारों के बीच तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि अमेरिका अपनी करीब 40 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं भारत से आयात करता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी मिशनों ने आने वाले वर्ष के लिए भारत में 20.5 अरब डॉलर के निवेश को सुरक्षित करने में मदद की है, जिसमें 19 अरब डॉलर फार्मा क्षेत्र में है. उन्होंने भारत के निर्यात नियंत्रण सिस्टम को आधुनिक बनाने के प्रयासों का स्वागत किया और कहा कि इससे तकनीकी सहयोग और मजबूत होगा.
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