Rajasthan News: राजस्थान में दो मंत्रियों की बदसलूकी और संवेदनशीलता की कमी के मामले सामने आने के बाद भजनलाल सरकार विपक्ष और जनता के निशाने पर आ गई है. सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक पर पुलिसकर्मी को भद्दी गालियां देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है. वहीं दूसरी तरफ वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का पुलिस कांस्टेबल को हड़काने का वीडियो वायरल हो रहा है. दोनों मामलों को लेकर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में 45 डिग्री से अधिक तापमान है. सरकार ने आदेश जारी किया है कि 12-4 बजे के बीच बाहर नहीं जाएं. छाया है नहीं, पुलिस का कांस्टेबल गाड़ी में AC चलाकर बैठा है और मंत्री आकर बोल रहे हैं कि AC कैसे चलाकर बैठ गया, क्या वे मर जाए? आप अंदर AC में बैठे हैं, मीटिंग कर रहे हो और बाहर आकर बदतमीजी कर रहे हैं. ऐसे मंत्री राजस्थान में मिलते हैं.
“दोनों मंत्रियों को जनता से माफी मांगनी चाहिए”
प्रताप सिंह खाचरियावास ने आगे कहा कि एक दूसरे मंत्री है गौतम कुमार दक, जिन्होंने पुलिस के कांस्टेबलों को गालियां दी. आप तब गालियां दे रहे हो जब विपक्ष के एक नेता ने मुख्यमंत्री के कुछ कह दिया तो पूरे राजस्थान में उसके पुतले जलाए जा रहे हैं. कोई उन संतों के लिए कुछ नहीं कर रहा. बैराना धाम में आप जाकर देखो 45 डिग्री तापमान में संत चार महीने से बैठे हैं. कांग्रेस पार्टी मांग उठा चुकी है. अभी वापस एक बड़ा आंदोलन हुआ है. उसपर कोई बात नहीं कर रहा है. राजस्थान के दोनों मंत्रियों मंत्री गौतम कुमार दक और मंत्री संजय शर्मा को माफी मांगनी चाहिए. अगर माफी नहीं मांगते तो यह दुर्भाग्य है. दोनों मंत्रियों को राजस्थान की जनता से माफी मांगते हुए कहना चाहिए कि भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे. यदि वह माफी नहीं मांगते हैं तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मेरा सवाल है कि वह सामने आकर बताए कि क्या मंत्री संजय शर्मा ने जो पुलिस के साथ व्यवहार किया तो आम आदमी क्या AC में नहीं बैठेगा. क्या यह भाषा भारतीय जनता पार्टी की है?
“सीधे-सीधे संविधान का अपमान है”
उन्होंने कहा कि क्या भजनलाल शर्मा की सरकार इसी तरह मां बहन की गालियां देगी और मां बहन की गालियां देकर आप शासन करोगे? यदि आपका यही चरित्र है तो आप जवाब मत देना. यदि आप जवाब नहीं देते हैं तो भजनलाल शर्मा, मदन राठौड़, गौतम कुमार दक और संजय शर्मा का जो व्यवहार है वह बीजेपी का व्यवहार माना जाएगा. भाजपा सरकार का व्यवहार माना जाएगा. यह पाप है और इस पाप में आप शामिल हैं. यदि आप जवाब नहीं देते हैं क्योंकि आपका यह जो घमंड है. यह सीधे-सीधे संविधान का अपमान है. आपका चरित्र भी यही है क्या?



