NEET Re Exam News: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी तैयारी की है. 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को लेकर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम के प्रश्न पत्रों को सुरक्षित दूसरे राज्यों में पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, PMO अधिकारी और NTA के शीर्ष अफसर शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद परीक्षा की सुरक्षा तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि इस बार पेपर लीक जैसी कोई घटना दोबारा न हो सके.
PM मोदी खुद कर रहे निगरानी
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET री-एग्जाम की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं. उन्हें नियमित रूप से परीक्षा से जुड़ी सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की जानकारी दी जा रही है. हालांकि अभी वायुसेना के इस्तेमाल को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री के सामने रखा जाएगा.
IAF विमानों से पहुंचाए जा सकते हैं पेपर
अगर योजना लागू होती है तो भारतीय वायुसेना के विमान प्रश्न पत्रों को चुनिंदा शहरों तक पहुंचाएंगे. इनमें यूपी के लखनऊ, आगरा, गोरखपुर और वाराणसी, बिहार के पटना और दरभंगा, जबकि पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बागडोगरा शामिल हैं। वहां से राज्य एजेंसियां पेपरों को जिलों और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा संभालेंगी.
पेपर सेटिंग से सेंटर तक हर स्तर पर सुरक्षा
बैठक में पेपर सेट करने वालों के चयन, छपाई, भंडारण, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा तक हर व्यवस्था की समीक्षा की गई. गृह मंत्रालय और राज्यों के गृह विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया. जिला प्रशासन और पुलिस इकाइयों को भी इस पूरी प्रक्रिया में और सक्रिय भूमिका दी जा सकती है. गौरतलब है कि प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी. इस मामले में CBI अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. सरकार अब किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है.



