Share : शेयर बाजार में आज दोपहर बाद कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. सबसे ज्यादा दबाव Aequs Limited के शेयर में दिखा. शेयर 211.63 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 198.10 रुपये पर खुला था, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे 10% टूटकर 190.47 रुपये पर लोअर सर्किट में लॉक हो गया. कंपनी का मार्केट कैप 12,774 करोड़ रुपये है. आम दिनों में 38 लाख शेयरों का वॉल्युम रहता है, लेकिन आज 60 लाख शेयरों का कारोबार हो चुका था.वहीं Redtape के शेयर में भी तेज बिकवाली दिखी. शेयर 155 रुपये तक गया, लेकिन बाद में करीब 6% टूटकर 140 रुपये के आसपास पहुंच गया. स्टॉक में सामान्य 13 लाख शेयरों के मुकाबले 60 लाख शेयरों का भारी वॉल्युम देखने को मिला.Poly Medicure भी दबाव में रहा. शेयर 7% टूटकर 1,340.10 रुपये तक फिसल गया. कंपनी का मार्केट कैप 13,617 करोड़ रुपये है और आज वॉल्युम सामान्य से दोगुना रहा.इसके अलावा Insolation Energy में भी भारी गिरावट देखने को मिली. एक तरफ शेयर 7% टूटकर 120 रुपये तक पहुंचा, वहीं दूसरे चरण में करीब 11% गिरकर 1,060.20 रुपये तक फिसल गया. स्टॉक में सामान्य से कई गुना ज्यादा वॉल्युम दर्ज किया गया.मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अचानक बढ़ी बिकवाली और असामान्य वॉल्युम ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
इंडिया VIX 15.2 पर आ गया
दोपहर समय एक बड़ी खबर आई.Iran और United States के बीच तनाव को लेकर ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध की संभावना “कम” है. हालांकि इसके साथ ही ईरान ने साफ कर दिया कि वह किसी भी समझौते में अपने हितों से पीछे हटने वाला नहीं है.बड़ा कारण इंडिया वीआईएक्स में गिरावट है. बाजार का डर और उतार-चढ़ाव मापने वाला इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स करीब 6 फीसदी टूटकर 15.2 पर आ गया. इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हुई है और खरीदारी बढ़ी है. साथ ही 27 मई को सेंसेक्स की मंथली एफएंडओ एक्सपायरी भी थी, जिससे ट्रेडिंग गतिविधि तेज रही.
फंड के इस्तेमाल पर होगी कड़ी निगरानी
आईपीओ लाने वाली कंपनियों पर सेबी की सख्ती बढ़ेगी, फंड के इस्तेमाल पर होगी कड़ी निगरानी, Securities and Exchange Board of India यानी सेबी अब पब्लिक मार्केट से जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है. रॉयटर्स द्वारा देखे गए ड्राफ्ट प्रस्तावों के मुताबिक, सेबी कंपनियों की जवाबदेही और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के लिए नए नियम ला सकता है.प्रस्ताव के तहत मॉनिटरिंग एजेंसियों यानी आमतौर पर क्रेडिट रेटिंग कंपनियों को ज्यादा ताकत दी जाएगी. ये एजेंसियां अब फंड के इस्तेमाल की रिपोर्ट सीधे स्टॉक एक्सचेंज को भेज सकेंगी. साथ ही अगर कोई कंपनी जांच में सहयोग नहीं करती है, तो उस पर 50,000 रुपये प्रति उल्लंघन का जुर्माना लगाया जा सकता है.सेबी IPO, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट और QIP के जरिए जुटाए गए फंड पर निगरानी का दायरा भी बढ़ाना चाहता है. इसके लिए अनिवार्य मॉनिटरिंग की सीमा 100 करोड़ रुपये से घटाकर 50 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है.फिलहाल भारत में 190 कंपनियों के करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के IPO पाइपलाइन में हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट तनाव और बाजार में बिकवाली के कारण इस साल अब तक सिर्फ 15 कंपनियां ही बाजार में आई हैं.विशेषज्ञ मानते हैं कि फंड के इस्तेमाल पर सख्त निगरानी से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और भविष्य में IPO मार्केट को मजबूती मिल सकती है.
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