Rahul Gandhi Controversial Statement: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने पलटवार किया है. जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मदन राठौर ने कहा कि जब से देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है, कांग्रेस के नेतृत्व राहुल गांधी को जनता ने ठुकरा दिया, तब से वे इतनी हताशा में आ गए हैं और इतने हल्के स्तर के शब्दों का प्रयोग करने लगे हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस के नेताओं को राहुल गांधी को किसी मनोचिकित्सक से दिखाना चाहिए. वे(राहुल गांधी) ऐसी घटिया शब्दावली का प्रयोग कर रहे हैं, जिसकी निंदा करने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं. हिंदुस्तान के नक्शे पर जहां कहीं भी देखो तो कांग्रेस बहुत नीचे स्तर पर आ गई है और इसके नेताओं की शब्दावली गिरती जा रही है.
“उनकी हताशा की पराकाष्ठा है”
राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि जब-जब ये लोग हल्के स्तर के शब्दों का प्रयोग करते हैं तब देश की जनता उन्हें हाशिए पर ले आती है. राहुल गांधी ने हमारे प्रधानमंत्री के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है, ये उनकी हताशा की पराकाष्ठा है. किसी भी रूप में किसी भी नेता को ऐसा नहीं कहना चाहिए. कांग्रेस के पास कोई विषय नहीं है. वे मुद्दा विहीन हो चुकी है. हम उनकी आलोचनाओं को भी स्वीकार करते हैं लेकिन शब्दों का चयन तो स्तर का होता है. आज राहुल गांधी ने जैसा बयान दिया है, उनकी पार्टी के पूर्व नेताओं ने कभी ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया. कड़े से कड़े शब्दों में इसकी निंदा की जाए तो भी कम होगा.
“सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है. लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, किंतु देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति इस प्रकार की अभद्र भाषा कांग्रेस की हताशा और निरंतर पतन की ओर जाती राजनीतिक सोच का प्रमाण है. राजनीतिक विरोध में अपनी मर्यादा एवं मानसिक संतुलन खो चुका विपक्ष केवल समाज को विभाजित करने और अराजकता फैलाने का कार्य कर रहा है. देश के सर्वोच्च पदों तथा 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान करने के लिए राहुल गांधी को राष्ट्र से अविलंब सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए.
वहीं राजस्थान बीजेपी ने एक्स पोस्ट के जरिए भी राहुल गांधी पर पलटवार किया. पोस्ट में लिखा कि चोर, तानाशाह और अब प्रधानमंत्री को गद्दार कहना, राहुल गांधी की यह भाषा सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों के जनादेश और लोकतंत्र की गरिमा का अपमान है. लोकतंत्र में असहमति और आलोचना दोनों का स्थान है, लेकिन संवैधानिक पदों का सम्मान बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी होती है. लगातार चुनावी हार से उपजी हताशा में कांग्रेस और राहुल गांधी अब राजनीतिक विरोध की मर्यादा भी लांघ चुके हैं.



