Ravindra Singh Bhati: बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस को लेकर चल रहा मजदूर आंदोलन मंगलवार को उस समय और गरमा गया, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया. हालांकि समर्थकों ने तुरंत उनके कपड़ों से पेट्रोल साफ कर दिया और बड़ा हादसा टल गया. इसके बाद पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचाया, जहां जिला प्रशासन के साथ करीब पांच घंटे तक वार्ता हुई. मजदूर स्थानीय युवाओं को रोजगार, 8 घंटे की ड्यूटी और छंटनी रोकने की मांग को लेकर पिछले 39 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं.
मजदूरों की मांगों को लेकर बढ़ा आंदोलन
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार 39वें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारी राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) पर स्थानीय युवाओं की अनदेखी और रोजगार से बाहर करने का आरोप लगा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि माइंस में 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए और नौकरी में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिले. मंगलवार को शिव विधायक शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी मजदूरों के समर्थन में करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ गिरल गांव से कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए. कलेक्ट्रेट से करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग और बसें लगाकर काफिले को रोक दिया. इसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ पैदल ही आगे बढ़े.
खुद पर पेट्रोल छिड़कने से मचा हड़कंप
कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई. इसी बीच विधायक भाटी ने अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद पर छिड़क लिया. समर्थकों ने तुरंत कपड़ों से पेट्रोल साफ कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. पुलिस ने विधायक और समर्थकों को हिरासत में लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचाया. इसके बाद कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट के साथ करीब पांच घंटे तक वार्ता चली. वार्ता के बाद विधायक भाटी ने कहा कि कुछ मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन कई मुद्दों पर अभी बातचीत बाकी है. उन्होंने साफ कहा कि मजदूरों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
पॉइंट्स के जरिए समझिए पूरा मामला
1. मजदूरों की मांगों को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार को 500 गाड़ियों के काफिले के साथ गिरल गांव से कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट से पहले ही उनका काफिला रोक दिया.
2. काफिला रोके जाने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बीच भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया.
3. विधायक भाटी ने एक दिन पहले चेतावनी दी थी कि यदि मजदूरों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.
4. इससे पहले हाईकोर्ट ने गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन शुरू कराने और वाहनों को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। साथ ही प्रशासन को बाधा डालने वालों पर कार्रवाई के आदेश भी दिए गए थे.
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